{"_id":"61449b038ebc3e2c206c481c","slug":"cbi-returned-after-questioning-and-scrutinizing-documents-shrinagar-news-drn3906561104","type":"story","status":"publish","title_hn":"पूछताछ और दस्तावेज खंगालने के बाद लौटी सीबीआई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पूछताछ और दस्तावेज खंगालने के बाद लौटी सीबीआई
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एचएनबी गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय से संबद्ध निजी शिक्षण संस्थानों को गैरकानूनी ढंग से फायदा पहुंचाने के मामले की जांच कर रही सीबीआई की टीम दो दिन बाद लौट गई। इस दौरान टीम ने दस्तावेजों को खंगालने के साथ ही आरोपी शिक्षकों/अधिकारियों से पूछताछ की।
वर्ष 2014-16 के बीच गढ़वाल विवि की ओर से देहरादून के निजी शिक्षण संस्थानों में सीट वृद्धि और विषयों की संबद्धता मामले में सीबीआई जांच कर रही है। आरोप है कि तत्कालीन कुलपति समेत शिक्षकों/अधिकारियों ने गैरकानूनी ढंग से शिक्षण संस्थानों को फायदा पहुंचाया है। इस प्रकरण में गढ़वाल विवि के शिक्षकों/अधिकारियों समेत शिक्षण संस्थानों के खिलाफ गत जुलाई माह में केस दर्ज हो चुका है। दो माह तक दस्तावेजों को देखने के बाद सीबीआई बुधवार से गढ़वाल विवि मुख्यालय में डटी हुई थी। बुधवार को टीम ने यहां संबद्धता सहित अन्य कागजातों को खंगाला था। वहीं, बृहस्पतिवार को आरोपी शिक्षकों व अधिकारियों से पूछताछ की गई। शुक्रवार दिन में टीम यहां से देहरादून के लिए निकल गई। बताया जा रहा है कि सीबीआई चार्जशीट लगाने से पहले इस प्रकरण से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य एकत्रित करके ले गई है। सीबीआई जांच में आरोपों की पुष्टि हो गई तो कई वरिष्ठ शिक्षकों के लिए मुसीबत हो सकती है। उक्त शिक्षक विवि में जिम्मेदार पदों पर भी आसीन हैं। वहीं कुछ शिक्षक/अधिकारी रिटायर भी हो चुके हैं।
विज्ञापन
वर्ष 2014-16 के बीच गढ़वाल विवि की ओर से देहरादून के निजी शिक्षण संस्थानों में सीट वृद्धि और विषयों की संबद्धता मामले में सीबीआई जांच कर रही है। आरोप है कि तत्कालीन कुलपति समेत शिक्षकों/अधिकारियों ने गैरकानूनी ढंग से शिक्षण संस्थानों को फायदा पहुंचाया है। इस प्रकरण में गढ़वाल विवि के शिक्षकों/अधिकारियों समेत शिक्षण संस्थानों के खिलाफ गत जुलाई माह में केस दर्ज हो चुका है। दो माह तक दस्तावेजों को देखने के बाद सीबीआई बुधवार से गढ़वाल विवि मुख्यालय में डटी हुई थी। बुधवार को टीम ने यहां संबद्धता सहित अन्य कागजातों को खंगाला था। वहीं, बृहस्पतिवार को आरोपी शिक्षकों व अधिकारियों से पूछताछ की गई। शुक्रवार दिन में टीम यहां से देहरादून के लिए निकल गई। बताया जा रहा है कि सीबीआई चार्जशीट लगाने से पहले इस प्रकरण से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य एकत्रित करके ले गई है। सीबीआई जांच में आरोपों की पुष्टि हो गई तो कई वरिष्ठ शिक्षकों के लिए मुसीबत हो सकती है। उक्त शिक्षक विवि में जिम्मेदार पदों पर भी आसीन हैं। वहीं कुछ शिक्षक/अधिकारी रिटायर भी हो चुके हैं।
विज्ञापन