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चंद्रभागा नदी का जल स्तर बढ़ने से बही कार
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विकास खंड कीर्तिनगर के अकरी बारजूला और डागर क्षेत्र में भारी बारिश के कारण चंद्रभागा नदी का जलस्तर बढ़ गया। इस कारण ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर जयालगढ़ मोटर पुल के नीचे 150 मीटर लंबी झील बन गई है। इससे नदी किनारे खड़ी एक कार करीब 50 मीटर दूर तक बहकर चली गई।
ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर जयालगढ़ में चंद्रभागा पीडब्लूडी राष्ट्रीय राजमार्ग खंड ने नया मोटर पुल बनाया है। पुल के खंभे खड़े करने के लिए चंद्रभागा नदी में प्लेटफार्म बनाया गया है। इसके अलावा यहां मलबा भी पड़ा है। रविवार रात और सोमवार सुबह क्षेत्र में तेज बारिश होने पर चंद्रभागा नदी उफान पर आ गई। मोटर पुल के नीचे मलबा और प्लेटफार्म होने से पानी कुछ देर ठहर गया जिससे लगभग डेढ़ सौ मीटर लंबी झील बन गई। पुराना मोटर पुल भी पानी में डूब गया। कुछ देर बाद पानी के दबाव से मलबा बहने लगा और प्लेटफार्म भी ढह गया। प्लेटफार्म में खड़ी एक कार भी करीब 50 मीटर दूर तक बहकर चली गई। एसडीएम अजयवीर सिंह ने बताया कि पीडब्लूडी की लापरवाही से पानी की निकासी रुकी है। इस मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
कोट :
पुल निर्माण के लिए गदेरे पर कच्चा निर्माण किया गया था। पानी की निकासी के लिए ह्यूम पाइप लगाए गए थे। मलबा आने से पाइप चोक हो गए थे। अब कच्चा निर्माण ध्वस्त होने से गदेरे से पानी की निकासी हो रही है। पुल को कोई खतरा नहीं है। -राजीव शर्मा, सहायक अभियंता पीडब्लूडी राष्ट्रीय राजमार्ग खंड, श्रीनगर
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ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर जयालगढ़ में चंद्रभागा पीडब्लूडी राष्ट्रीय राजमार्ग खंड ने नया मोटर पुल बनाया है। पुल के खंभे खड़े करने के लिए चंद्रभागा नदी में प्लेटफार्म बनाया गया है। इसके अलावा यहां मलबा भी पड़ा है। रविवार रात और सोमवार सुबह क्षेत्र में तेज बारिश होने पर चंद्रभागा नदी उफान पर आ गई। मोटर पुल के नीचे मलबा और प्लेटफार्म होने से पानी कुछ देर ठहर गया जिससे लगभग डेढ़ सौ मीटर लंबी झील बन गई। पुराना मोटर पुल भी पानी में डूब गया। कुछ देर बाद पानी के दबाव से मलबा बहने लगा और प्लेटफार्म भी ढह गया। प्लेटफार्म में खड़ी एक कार भी करीब 50 मीटर दूर तक बहकर चली गई। एसडीएम अजयवीर सिंह ने बताया कि पीडब्लूडी की लापरवाही से पानी की निकासी रुकी है। इस मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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कोट :
पुल निर्माण के लिए गदेरे पर कच्चा निर्माण किया गया था। पानी की निकासी के लिए ह्यूम पाइप लगाए गए थे। मलबा आने से पाइप चोक हो गए थे। अब कच्चा निर्माण ध्वस्त होने से गदेरे से पानी की निकासी हो रही है। पुल को कोई खतरा नहीं है। -राजीव शर्मा, सहायक अभियंता पीडब्लूडी राष्ट्रीय राजमार्ग खंड, श्रीनगर
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