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भाजपा ने पांच साल तक अपने नेता किए स्वस्थ, जनता बीमार
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कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता डा. अजय उपाध्याय ने भाजपा सरकार पर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की लचर व्यवस्थाओं का आरोप लगाया है। कहा कि भाजपा की सरकार ने पांच सालों तक सिर्फ अपने नेताओं की सेहत का ख्याल रखा। जबकि जनता को पूरी तरह बीमार करने का काम किया है।
बृहस्पतिवार को पत्रकार वार्ता में कांग्रेस पार्टी प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और राष्ट्रीय प्रवक्ता डा. अजय उपाध्याय ने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं को प्रदेश की समृद्धि और वास्तविक विकास का मुख्य पैमाना माना जाता है। लेकिन डबल इंजन की भाजपा सरकार ने प्रदेश की सेहत को खराब करने की साजिश की है। इस पर सकल घरेलू उत्पाद का सिर्फ 1.1 फीसदी खर्च किया जाता है। इंडियन पब्लिक हेल्थ स्टेंडर्ड के अनुसार प्रत्येक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर चार विशेषज्ञ डाक्टर होने चाहिए, लेकिन प्रदेश के एक भी सीएचसी में इस प्रकार की व्यवस्था नहीं है। इन अस्पतालों में स्वीकृत 61 सर्जन के पदों में 55 पद रिक्त हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में रेडियो ग्राफर के 56 में से 47 पद खाली हैं। इसी प्रकार पीएचसी और सीएचसी में लैब टेक्नीशियन के स्वीकृत 313 पदों के सापेक्ष 61 कर्मी ही तैनात है। नर्सिंग स्टाफ में भी 646 में 406 पद रिक्त हैं, जबकि राज्य में विशेषज्ञ चिकित्सकों के कुल 1147 पदों में 654 पद रिक्त हैं। गोदियाल ने कहा प्रदेश शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक, आर्थिक रोजगार आदि प्रत्येक क्षेत्र में पिछड़ चुका है।
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बृहस्पतिवार को पत्रकार वार्ता में कांग्रेस पार्टी प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और राष्ट्रीय प्रवक्ता डा. अजय उपाध्याय ने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं को प्रदेश की समृद्धि और वास्तविक विकास का मुख्य पैमाना माना जाता है। लेकिन डबल इंजन की भाजपा सरकार ने प्रदेश की सेहत को खराब करने की साजिश की है। इस पर सकल घरेलू उत्पाद का सिर्फ 1.1 फीसदी खर्च किया जाता है। इंडियन पब्लिक हेल्थ स्टेंडर्ड के अनुसार प्रत्येक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर चार विशेषज्ञ डाक्टर होने चाहिए, लेकिन प्रदेश के एक भी सीएचसी में इस प्रकार की व्यवस्था नहीं है। इन अस्पतालों में स्वीकृत 61 सर्जन के पदों में 55 पद रिक्त हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में रेडियो ग्राफर के 56 में से 47 पद खाली हैं। इसी प्रकार पीएचसी और सीएचसी में लैब टेक्नीशियन के स्वीकृत 313 पदों के सापेक्ष 61 कर्मी ही तैनात है। नर्सिंग स्टाफ में भी 646 में 406 पद रिक्त हैं, जबकि राज्य में विशेषज्ञ चिकित्सकों के कुल 1147 पदों में 654 पद रिक्त हैं। गोदियाल ने कहा प्रदेश शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक, आर्थिक रोजगार आदि प्रत्येक क्षेत्र में पिछड़ चुका है।
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