{"_id":"6a4e5581047c14fc07049519","slug":"aryan-student-organization-warns-of-agitation-shrinagar-news-c-53-1-sri1002-124184-2026-07-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pauri News: आर्यन छात्र संगठन ने आंदोलन की चेतावनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pauri News: आर्यन छात्र संगठन ने आंदोलन की चेतावनी
Wed, 08 Jul 2026 07:19 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
Updated Wed, 08 Jul 2026 07:19 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फोटो
श्रीनगर। आर्यन छात्र संगठन ने देहरादून स्थित एक नर्सिंग होम में चिकित्सकों की लापरवाही के कारण हुई जच्चा-बच्चा मौत के प्रकरण में चिकित्सकों पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। जीएमवीएन सभागार में आयोजित पत्रकार वार्ता में आर्यन छात्र संगठन के प्रदेश अध्यक्ष संजय बिष्ट ने कहा कि यदि सरकार व प्रशासन के स्तर से इस मामले में ठोस कार्रवाई नहीं की जाती तो आर्यन छात्र संगठन उग्र आंदोलन करेगा।
सतेंद्र बिष्ट ने भी अपनी पत्नी के उपचार के दौरान हुई मौत के मामले में प्राप्त जांच समिति की रिपोर्ट पर असंतोष जताते हुए आरोप लगाया है कि रिपोर्ट में कई महत्वपूर्ण तथ्यों की अनदेखी की गई है। आर्यन छात्र संगठन ने कहा कि पूर्व जांच रिपोर्ट को निरस्त कर मामले की स्वतंत्र जांच उच्चस्तरीय मेडिकल बोर्ड से पुनः कराई जाए। प्रकरण को उत्तराखंड मेडिकल काउंसिल की एथिक्स कमेटी को भेजकर चिकित्सकीय लापरवाही और नियमों के उल्लंघन की जांच कराई जाए तथा अस्पताल के दस्तावेजों का फोरेंसिक ऑडिट भी कराया जाए। संवाद
विज्ञापन
श्रीनगर। आर्यन छात्र संगठन ने देहरादून स्थित एक नर्सिंग होम में चिकित्सकों की लापरवाही के कारण हुई जच्चा-बच्चा मौत के प्रकरण में चिकित्सकों पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। जीएमवीएन सभागार में आयोजित पत्रकार वार्ता में आर्यन छात्र संगठन के प्रदेश अध्यक्ष संजय बिष्ट ने कहा कि यदि सरकार व प्रशासन के स्तर से इस मामले में ठोस कार्रवाई नहीं की जाती तो आर्यन छात्र संगठन उग्र आंदोलन करेगा।
सतेंद्र बिष्ट ने भी अपनी पत्नी के उपचार के दौरान हुई मौत के मामले में प्राप्त जांच समिति की रिपोर्ट पर असंतोष जताते हुए आरोप लगाया है कि रिपोर्ट में कई महत्वपूर्ण तथ्यों की अनदेखी की गई है। आर्यन छात्र संगठन ने कहा कि पूर्व जांच रिपोर्ट को निरस्त कर मामले की स्वतंत्र जांच उच्चस्तरीय मेडिकल बोर्ड से पुनः कराई जाए। प्रकरण को उत्तराखंड मेडिकल काउंसिल की एथिक्स कमेटी को भेजकर चिकित्सकीय लापरवाही और नियमों के उल्लंघन की जांच कराई जाए तथा अस्पताल के दस्तावेजों का फोरेंसिक ऑडिट भी कराया जाए। संवाद
विज्ञापन