{"_id":"68ea3a3c279eef8522067ffc","slug":"appeal-to-the-district-magistrate-to-cancel-the-mining-lease-shrinagar-news-c-53-1-sdrn1038-117481-2025-10-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pauri News: खनन पट्टा निरस्त करने के लिए जिलाधिकारी से लगाई गुहार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pauri News: खनन पट्टा निरस्त करने के लिए जिलाधिकारी से लगाई गुहार
Sat, 11 Oct 2025 04:36 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
Updated Sat, 11 Oct 2025 04:36 PM IST
विज्ञापन
10 दिनों के भीतर पट्टा निरस्त न किए जाने पर दी आंदोलन शुरू करने की चेतावनी
कीर्तिनगर। जन अधिकार मोर्चा देवप्रयाग ने विकासखंड के ग्राम पंचायत बागवानी की सीमा के अंतर्गत एलएनटी को खनन पट्टा आवंटित किए जाने पर आक्रोश जताया है। मंच ने 10 दिनों के भीतर पट्टा निरस्त नहीं किए जाने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
जन अधिकार मोर्चा के गणेश भट्ट ने बताया कि समस्या के समाधान के लिए ग्राम प्रधान नरेश कोठियाल के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी टिहरी से मुलाकात की। राज्य सरकार लगातार पहाड़ों में बड़ी बड़ी कंपनियों को विकास के नाम पर ठेके दे रही है। इस कारण पहाड़ खोखले हो रहे हैं, नदियां सूख रही हैं, खेत और जंगल बर्बाद हो रहे है और गांव खाली हो रहे हैं। यदि कंपनी को नदी किनारे दिए गए नए खनन पट्टे को निरस्त नहीं किया गया तो कंपनी रेलवे परियोजना के नाम पर छह महीने में नदी किनारे के सभी पत्थर और रेत सामग्री को समाप्त कर देगी। ग्राम प्रधान नरेश कोठियाल ने कहा कि खनन पट्टे को लेकर पहले भी आपत्ति जताई गई थी। प्रतिनिधिमंडल में ग्राम प्रधान कुलदीप राणा, चंद्रकला देवी, नेत्र सिंह,भारती रावत आदि शामिल थे।
विज्ञापन
कीर्तिनगर। जन अधिकार मोर्चा देवप्रयाग ने विकासखंड के ग्राम पंचायत बागवानी की सीमा के अंतर्गत एलएनटी को खनन पट्टा आवंटित किए जाने पर आक्रोश जताया है। मंच ने 10 दिनों के भीतर पट्टा निरस्त नहीं किए जाने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
जन अधिकार मोर्चा के गणेश भट्ट ने बताया कि समस्या के समाधान के लिए ग्राम प्रधान नरेश कोठियाल के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी टिहरी से मुलाकात की। राज्य सरकार लगातार पहाड़ों में बड़ी बड़ी कंपनियों को विकास के नाम पर ठेके दे रही है। इस कारण पहाड़ खोखले हो रहे हैं, नदियां सूख रही हैं, खेत और जंगल बर्बाद हो रहे है और गांव खाली हो रहे हैं। यदि कंपनी को नदी किनारे दिए गए नए खनन पट्टे को निरस्त नहीं किया गया तो कंपनी रेलवे परियोजना के नाम पर छह महीने में नदी किनारे के सभी पत्थर और रेत सामग्री को समाप्त कर देगी। ग्राम प्रधान नरेश कोठियाल ने कहा कि खनन पट्टे को लेकर पहले भी आपत्ति जताई गई थी। प्रतिनिधिमंडल में ग्राम प्रधान कुलदीप राणा, चंद्रकला देवी, नेत्र सिंह,भारती रावत आदि शामिल थे।
विज्ञापन