{"_id":"66e7338dd816cd4f8e03c5a6","slug":"aadhaar-card-making-machine-closed-for-five-years-shrinagar-news-c-5-1-drn1045-502259-2024-09-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pauri News: आधार कार्ड बनाने वालील मशीन पांच वर्ष से बंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pauri News: आधार कार्ड बनाने वालील मशीन पांच वर्ष से बंद
विज्ञापन
बहा बाजार देवप्रयाग के डाकघर में रखी आधार कार्ड बनाने की मशीन पांच वर्ष से बंद पड़ी है। लेकिन कोई इसकी सुध लेने वाला नहीं है। जिस कारण स्थानीय लोगों और डाकघर के ग्राहकों को आधार कार्ड बनवाने के लिए दूर-दूर तक जाना पड़ रहा है।
दो जनपदों के करीब 120 से अधिक गांवों के सैकड़ो लोगो को लाभ दिलाने के मकसद से लाखों रुपये की कीमत से आधारकार्ड बनाने वाली मशीन पांच वर्षों से डाकघर में स्थापित है।
मगर इससे आधारकार्ड नही बनाए जा रहे हैं। इससे क्षेत्रवासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासी विकास भट्ट, विकास ध्यानी, मनमोहन सिंह, नन्दन टोडरिया व अखिलेश कोठियाल ने प्रशासन के खिलाफ आक्रोश व्यक्त करते हुए शीघ्र आधार सेवा केंद्र शुरू करने की मांग की है। कहा कि क्षेत्र की बीस हजार से अधिक की आबादी को आधारकार्ड अपडेट के लिए करीब 30 से 70 किलोमीटर दूर श्रीनगर और ऋषिकेश का चक्कर लगाना पड़ रहा है।
विज्ञापन
इससे समय के साथ पैसे भी अधिक लग रहे है। आधार कार्ड में लोगों के नाम, जन्मतिथि और पता गलत होने से उनको सरकारी योजनाओं का लाभ नही मिल पा रहा है। वहीं डाकघर के सहायक डाक अधिकारी हरिश्चंद्र ने बताया कि आधारकार्ड बनाने वाली मशीन को चलाने के लिए आईडी नहीं बनी हुई थी। अब मशीन को ऑपरेट करने वाले कर्मचारी की आईडी विभाग को भेज दी गई है। उसके बाद आधारकार्ड मशीन शुरू हो जाएगी।
विज्ञापन
दो जनपदों के करीब 120 से अधिक गांवों के सैकड़ो लोगो को लाभ दिलाने के मकसद से लाखों रुपये की कीमत से आधारकार्ड बनाने वाली मशीन पांच वर्षों से डाकघर में स्थापित है।
विज्ञापन
मगर इससे आधारकार्ड नही बनाए जा रहे हैं। इससे क्षेत्रवासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासी विकास भट्ट, विकास ध्यानी, मनमोहन सिंह, नन्दन टोडरिया व अखिलेश कोठियाल ने प्रशासन के खिलाफ आक्रोश व्यक्त करते हुए शीघ्र आधार सेवा केंद्र शुरू करने की मांग की है। कहा कि क्षेत्र की बीस हजार से अधिक की आबादी को आधारकार्ड अपडेट के लिए करीब 30 से 70 किलोमीटर दूर श्रीनगर और ऋषिकेश का चक्कर लगाना पड़ रहा है।
विज्ञापन
इससे समय के साथ पैसे भी अधिक लग रहे है। आधार कार्ड में लोगों के नाम, जन्मतिथि और पता गलत होने से उनको सरकारी योजनाओं का लाभ नही मिल पा रहा है। वहीं डाकघर के सहायक डाक अधिकारी हरिश्चंद्र ने बताया कि आधारकार्ड बनाने वाली मशीन को चलाने के लिए आईडी नहीं बनी हुई थी। अब मशीन को ऑपरेट करने वाले कर्मचारी की आईडी विभाग को भेज दी गई है। उसके बाद आधारकार्ड मशीन शुरू हो जाएगी।