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धारी देवी के आंसुओं का विज्ञान से कोई संबंध नहीं
Pauri
Updated Thu, 23 Oct 2014 05:32 AM IST
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श्रीनगर। धारी देवी मंदिर में केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती की पूजा के दौरान अचानक धारी देवी की मूर्ति पर आंसू दिखाई देने पर वैज्ञानिकों ने विज्ञान से कोई वास्ता न होने की बात कही है। गढ़वाल विवि में भूगर्भ विज्ञान विभाग के शोध अधिकारी डा.एसपी सती ने इसे नकारा है।
गढ़वाल विवि के भूगर्भ विज्ञान विभाग के शोध अधिकारी डा.एसपी सती कहते हैं कि धारी देवी की आंखों में आंसू आना जैसी बातों पर विश्वास नहीं किया जाना चाहिए। इसका सीधे तौर पर विज्ञान से कोई संबंध भी नहीं। उधर, धारी देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष विश्वेश्वर प्रसाद पांडे की पत्नी उषा पांडे हर रोज मां का श्रृंगार करती हैं। वे बताती हैं कि धारी देवी हर रोज तीन स्वरूप में दिखाई देती हैं। वे सुबह बाल्यावस्था, दोपहर में युवावस्था और शाम को प्रौढ़ावस्था में दिखने लगती हैं। मंदिर के पुजारी सच्चिदानंद पांडे कहते हैं कि मां धारी हर रोज तीन रूप धरती है, यह सत्य है, लेकिन उनकी आंखों में आंसू आज तक नहीं आए हैं।
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गढ़वाल विवि के भूगर्भ विज्ञान विभाग के शोध अधिकारी डा.एसपी सती कहते हैं कि धारी देवी की आंखों में आंसू आना जैसी बातों पर विश्वास नहीं किया जाना चाहिए। इसका सीधे तौर पर विज्ञान से कोई संबंध भी नहीं। उधर, धारी देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष विश्वेश्वर प्रसाद पांडे की पत्नी उषा पांडे हर रोज मां का श्रृंगार करती हैं। वे बताती हैं कि धारी देवी हर रोज तीन स्वरूप में दिखाई देती हैं। वे सुबह बाल्यावस्था, दोपहर में युवावस्था और शाम को प्रौढ़ावस्था में दिखने लगती हैं। मंदिर के पुजारी सच्चिदानंद पांडे कहते हैं कि मां धारी हर रोज तीन रूप धरती है, यह सत्य है, लेकिन उनकी आंखों में आंसू आज तक नहीं आए हैं।
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