{"_id":"13-74272","slug":"Pauri-74272-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"ढाई घंटे तक खाई में तड़पते रहे घायल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ढाई घंटे तक खाई में तड़पते रहे घायल
Pauri
Updated Fri, 09 May 2014 05:31 AM IST
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देवप्रयाग। ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर साकनीधार के समीप हुई बस हादसे ने एक बार फिर आपदा प्रबंधन एवं बचाव कार्यों की पोल खोलकर रख दी। शासन-प्रशासन की लापरवाही के साथ लोकसभा चुनाव का मतदान भी घायलों पर भारी पड़ा। तहसील और पुलिस के अधिकारी सूचना के करीब आधा घंटे बाद मौके पर पहुंचे और वह भी खाली हाथ।
हादसा सुबह साढ़े छह बजे हुआ। करीब आधे घंटे बाद देवप्रयाग के तहसीलदार एमएस मंडागी और थानाध्यक्ष हमेंद्र खंडूड़ी मौके पर पहुंचे लेकिन खाली हाथ। खाई में उतरकर यह लोग सिर्फ घायलों की सर्चिंग ही कर पाए। प्रशासन की ओर से साढ़े नौ बजे एसएसबी के जवानों को मौके पर भेजा गया लेकिन तब तक आसपास के ग्रामीण सभी 21 घायलों को खाई से सड़क तक ला चुके थे।
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ग्रामीण और यात्री बने भगवान
दुर्घटना में क्षेत्र के ग्रामीण और चार धाम यात्रा के श्रद्धालु घायलों की मदद के लिए आगे आए। साकनीधार के ग्रामीण सबसे पहले मौके पर पहुंचे और घायलों को किसी तरह से सड़क तक लाए। इतना ही नहीं कुछ महिलाएं खाई से सड़क तक झाड़ियां काटकर रास्ता बनाने में जुटी थी। साकनी गांव की रजनी देवी ने घास और कांटेदार झाड़ियों को काट-काट कर रास्ता बनाया। बदरीनाथ से लौट रहे गुजरात के यात्री रवि भाई और सुमन भाई ने यात्रा के दौरान जरूरत पड़ने पर ट्रीटमेंट के लिए लाए फर्स्टएड बॉक्स में रखी दवा से कई घायलों का उपचार किया। शारीरिक रुप से असक्त देहरादून के धर्मपुर निवासी रवि ने भी घायलों को सड़क तक लाने में साहस का परिचय दिया।
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चुनाव ड्यूटी में लगा वाहन आया काम
सड़क पर जीवन और मौत से लड़ रहे घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए जब पुलिस-प्रशासन कुछ नहीं कर पाया, तो देवप्रयाग चुनाव ड्यूटी में आए श्रीनगर टैक्सी यूनियन के मुकेश रावत ने कहा कि घायलों को वह अपने वाहन से ले गए। उन्होंने सात घायलों को देवप्रयाग अस्पताल पहुंचाया।
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एसएसबी के जवानों ने की मदद
श्रीनगर। एसएसबी के असिस्टेंट कमांडेंट अमित कुमार और संजय कुमार के नेतृत्व में पहुंचे जवानों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने में मदद की। 108 वाहन के तीन स्ट्रेचर न होते तो मृतकों की संख्या और बढ़ सकती थी। दोपहर बाद जिलाधिकारी युगल किशोर पंत ने बागी स्थित सामुदायिक अस्पताल में ही शिनाख्त कर लिए गए मृतकों के शवों के पोस्टमार्टम के निर्देश दिए।
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गांव आ रहा था विनोद प्रसाद का परिवार
देवप्रयाग। साकनीधार में हुई बस दुर्घटना के सात घायलों को देवप्रयाग के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लाया गया। इनमें एक ही परिवार के चार सदस्य शामिल हैं। गांव आ रहे विनोद प्रसाद, उनकी पत्नी और दोनों बच्चों को प्राथमिक उपचार के बाद ऋषिकेश रेफर किया गया।
सिल्काखाल पाली निवासी घायल प्रकाश सिंह ने यह बताया कि वह अपने लिए लड़की देखने गांव आ रहा था। अगस्त्यमुनि डोभ निवासी खुशाल राणा और उनका भतीजा प्रदीप राणा ताऊ के बेटे की शादी के लिए गांव आ रहे थे। उन्हें भी उपचार के लिए ऋषिकेश ले जाया गया। चाकासैंण हिसरियाखाल निवासी विनोद प्रसाद, उनकी पत्नी रंजनी देवी और दो बेटों नितिन एवं जतिन के सिर में गहरी चोट आई है। ब्यूरो
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घायलों की हालत खतरे से बाहर
श्रीनगर। बस दुर्घटना में घायल तीन यात्रियों को बेस अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों ने सभी घायलों की हालत खतरे से बाहर बताई है। हादसे में घायल सुरेश सजवाण (26 वर्ष) पुत्र शिशुपाल सिंह सजवाण निवासी सांदर, जिला रुद्रप्रयाग, संदीप कठैत (19 वर्ष) पुत्र लक्ष्मण सिंह और प्रकाश नेगी (28 वर्ष) पुत्र वीर सिंह को बेस अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉ महेंद्र चौधरी के अनुसार सभी घायलों की हालत खतरे से बाहर है। हालांकि प्रकाश के सिर की हड्डी टूट गई है, लेकिन सभी को जल्द ही डिस्चार्ज कर दिया जाएगा। ब्यूरो
मृतकों की सूची
1- देवेंद्र सिंह (24) पुत्र सुंदर सिंह निवासी सेमा तिलवाड़ा रुद्रप्रयाग
2- पंकज पुरोहित (28) पुत्र जगदीश प्रसाद निवासी तिलवाड़ा रुद्रप्रयाग
3- गोविंद सजवाण (28) पुत्र कुशाल सजवाण निवासी सतेराखाल रुद्र्रप्रयाग
4- चैत सिंह (28) पुत्र गिरधारी सिंह रोड़िया भरदार रुद्रप्रयाग
5- दीपक गुसांई पुत्र राजेंद्र गुसांई दिलशाद गार्डन दिल्ली
6- बच्ची देवी (78) पत्नी सुमेर सिंह निवासी कांडा पौड़ीखाल
7- कुमार श्रेष्ठ (35) पुत्र सिद्धि प्रसाद रुद्रप्रयाग
8- ऋषि चौहान (27) पुत्र प्रेम सिंह चौहान रतूड़ा रुद्रप्रयाग
9- प्यार सिंह (45) पुत्र उदय सिंह निवासी हिसरियाखाल टिहरी गढ़वाल
10- जय सिंह (40) पुत्र इंद्र सिंह बडोला डांगचौरा टिहरी गढ़वाल
11- गोपाल सिंह (33) पुत्र धाम सिंह निवासी भूमाल रुद्र्रप्रयाग।
घायलों की सूची-
विनोद प्रसाद (40) निवासी हिसरियाखाल, रजनी देवी (35), नितिन (9), जतिन (6), कैलाश राणा (3) पुत्र स्व. भीमराम, विनोद राणा (28) पुत्र स्व. सुरेंद्र राणा निवासी डोभ अगस्त्यमुनि, प्रकाश (28) पुत्र वीर सिंह निवासी पाली सिल्काखाल, संदीप (18) पुत्र लक्ष्मण सिंह निवासी बज्यूण रुद्रप्रयाग, सुरजन दत्ता (54) बीआरओ कैंप ऋषिकेश, सत्यपाल (35 चालक) निवासी रानीपोखरी, महादेव सिंह (28) धारकोट रुद्र्रप्रयाग, कमल सिंह (44) वर्ष खर्क रुद्र्रप्रयाग, मयंक (5) खर्क रुद्र्रप्रयाग, हरीश (34) कांडी पौड़ीखाल, सीमा (31) पत्नी हरीश कांडी पौड़ीखाल, भूपेंद्र (36) सतेराखाल रूद्रप्रयाग, अमित (26) तुगलकाबाद नई दिल्ली, दिलीप (36) वर्ष सागर विहार नई दिल्ली, किशन नवानी (परिचालक) निवासी ऋषिकेश, सुरेश (26) डोभ रुद्र्रप्रयाग, कुलवीर (28) पोखरी चमोली, अनिल लाल (26) मोसाढुंगी रुद्र्रप्रयाग, विपिन रावत (12) गड़ाकोट रुद्र्रप्रयाग, शैलेश भट्ट (19) वर्ष रुद्र्रप्रयाग, ललिता सेमवाल (32) वर्ष फाटा रुद्र्रप्रयाग, राजेंद्र नेगी (41) चंद्रापुरी रूद्रप्रयाग, नरेंद्र सिंह (32) फाटा रुद्र्रप्रयाग।
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हादसा सुबह साढ़े छह बजे हुआ। करीब आधे घंटे बाद देवप्रयाग के तहसीलदार एमएस मंडागी और थानाध्यक्ष हमेंद्र खंडूड़ी मौके पर पहुंचे लेकिन खाली हाथ। खाई में उतरकर यह लोग सिर्फ घायलों की सर्चिंग ही कर पाए। प्रशासन की ओर से साढ़े नौ बजे एसएसबी के जवानों को मौके पर भेजा गया लेकिन तब तक आसपास के ग्रामीण सभी 21 घायलों को खाई से सड़क तक ला चुके थे।
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ग्रामीण और यात्री बने भगवान
दुर्घटना में क्षेत्र के ग्रामीण और चार धाम यात्रा के श्रद्धालु घायलों की मदद के लिए आगे आए। साकनीधार के ग्रामीण सबसे पहले मौके पर पहुंचे और घायलों को किसी तरह से सड़क तक लाए। इतना ही नहीं कुछ महिलाएं खाई से सड़क तक झाड़ियां काटकर रास्ता बनाने में जुटी थी। साकनी गांव की रजनी देवी ने घास और कांटेदार झाड़ियों को काट-काट कर रास्ता बनाया। बदरीनाथ से लौट रहे गुजरात के यात्री रवि भाई और सुमन भाई ने यात्रा के दौरान जरूरत पड़ने पर ट्रीटमेंट के लिए लाए फर्स्टएड बॉक्स में रखी दवा से कई घायलों का उपचार किया। शारीरिक रुप से असक्त देहरादून के धर्मपुर निवासी रवि ने भी घायलों को सड़क तक लाने में साहस का परिचय दिया।
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सड़क पर जीवन और मौत से लड़ रहे घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए जब पुलिस-प्रशासन कुछ नहीं कर पाया, तो देवप्रयाग चुनाव ड्यूटी में आए श्रीनगर टैक्सी यूनियन के मुकेश रावत ने कहा कि घायलों को वह अपने वाहन से ले गए। उन्होंने सात घायलों को देवप्रयाग अस्पताल पहुंचाया।
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एसएसबी के जवानों ने की मदद
श्रीनगर। एसएसबी के असिस्टेंट कमांडेंट अमित कुमार और संजय कुमार के नेतृत्व में पहुंचे जवानों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने में मदद की। 108 वाहन के तीन स्ट्रेचर न होते तो मृतकों की संख्या और बढ़ सकती थी। दोपहर बाद जिलाधिकारी युगल किशोर पंत ने बागी स्थित सामुदायिक अस्पताल में ही शिनाख्त कर लिए गए मृतकों के शवों के पोस्टमार्टम के निर्देश दिए।
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गांव आ रहा था विनोद प्रसाद का परिवार
देवप्रयाग। साकनीधार में हुई बस दुर्घटना के सात घायलों को देवप्रयाग के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लाया गया। इनमें एक ही परिवार के चार सदस्य शामिल हैं। गांव आ रहे विनोद प्रसाद, उनकी पत्नी और दोनों बच्चों को प्राथमिक उपचार के बाद ऋषिकेश रेफर किया गया।
सिल्काखाल पाली निवासी घायल प्रकाश सिंह ने यह बताया कि वह अपने लिए लड़की देखने गांव आ रहा था। अगस्त्यमुनि डोभ निवासी खुशाल राणा और उनका भतीजा प्रदीप राणा ताऊ के बेटे की शादी के लिए गांव आ रहे थे। उन्हें भी उपचार के लिए ऋषिकेश ले जाया गया। चाकासैंण हिसरियाखाल निवासी विनोद प्रसाद, उनकी पत्नी रंजनी देवी और दो बेटों नितिन एवं जतिन के सिर में गहरी चोट आई है। ब्यूरो
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घायलों की हालत खतरे से बाहर
श्रीनगर। बस दुर्घटना में घायल तीन यात्रियों को बेस अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों ने सभी घायलों की हालत खतरे से बाहर बताई है। हादसे में घायल सुरेश सजवाण (26 वर्ष) पुत्र शिशुपाल सिंह सजवाण निवासी सांदर, जिला रुद्रप्रयाग, संदीप कठैत (19 वर्ष) पुत्र लक्ष्मण सिंह और प्रकाश नेगी (28 वर्ष) पुत्र वीर सिंह को बेस अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉ महेंद्र चौधरी के अनुसार सभी घायलों की हालत खतरे से बाहर है। हालांकि प्रकाश के सिर की हड्डी टूट गई है, लेकिन सभी को जल्द ही डिस्चार्ज कर दिया जाएगा। ब्यूरो
मृतकों की सूची
1- देवेंद्र सिंह (24) पुत्र सुंदर सिंह निवासी सेमा तिलवाड़ा रुद्रप्रयाग
2- पंकज पुरोहित (28) पुत्र जगदीश प्रसाद निवासी तिलवाड़ा रुद्रप्रयाग
3- गोविंद सजवाण (28) पुत्र कुशाल सजवाण निवासी सतेराखाल रुद्र्रप्रयाग
4- चैत सिंह (28) पुत्र गिरधारी सिंह रोड़िया भरदार रुद्रप्रयाग
5- दीपक गुसांई पुत्र राजेंद्र गुसांई दिलशाद गार्डन दिल्ली
6- बच्ची देवी (78) पत्नी सुमेर सिंह निवासी कांडा पौड़ीखाल
7- कुमार श्रेष्ठ (35) पुत्र सिद्धि प्रसाद रुद्रप्रयाग
8- ऋषि चौहान (27) पुत्र प्रेम सिंह चौहान रतूड़ा रुद्रप्रयाग
9- प्यार सिंह (45) पुत्र उदय सिंह निवासी हिसरियाखाल टिहरी गढ़वाल
10- जय सिंह (40) पुत्र इंद्र सिंह बडोला डांगचौरा टिहरी गढ़वाल
11- गोपाल सिंह (33) पुत्र धाम सिंह निवासी भूमाल रुद्र्रप्रयाग।
घायलों की सूची-
विनोद प्रसाद (40) निवासी हिसरियाखाल, रजनी देवी (35), नितिन (9), जतिन (6), कैलाश राणा (3) पुत्र स्व. भीमराम, विनोद राणा (28) पुत्र स्व. सुरेंद्र राणा निवासी डोभ अगस्त्यमुनि, प्रकाश (28) पुत्र वीर सिंह निवासी पाली सिल्काखाल, संदीप (18) पुत्र लक्ष्मण सिंह निवासी बज्यूण रुद्रप्रयाग, सुरजन दत्ता (54) बीआरओ कैंप ऋषिकेश, सत्यपाल (35 चालक) निवासी रानीपोखरी, महादेव सिंह (28) धारकोट रुद्र्रप्रयाग, कमल सिंह (44) वर्ष खर्क रुद्र्रप्रयाग, मयंक (5) खर्क रुद्र्रप्रयाग, हरीश (34) कांडी पौड़ीखाल, सीमा (31) पत्नी हरीश कांडी पौड़ीखाल, भूपेंद्र (36) सतेराखाल रूद्रप्रयाग, अमित (26) तुगलकाबाद नई दिल्ली, दिलीप (36) वर्ष सागर विहार नई दिल्ली, किशन नवानी (परिचालक) निवासी ऋषिकेश, सुरेश (26) डोभ रुद्र्रप्रयाग, कुलवीर (28) पोखरी चमोली, अनिल लाल (26) मोसाढुंगी रुद्र्रप्रयाग, विपिन रावत (12) गड़ाकोट रुद्र्रप्रयाग, शैलेश भट्ट (19) वर्ष रुद्र्रप्रयाग, ललिता सेमवाल (32) वर्ष फाटा रुद्र्रप्रयाग, राजेंद्र नेगी (41) चंद्रापुरी रूद्रप्रयाग, नरेंद्र सिंह (32) फाटा रुद्र्रप्रयाग।