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मांगों पर आंदोलनकारी गरम, आंदोलन की तैयारी
Pauri
Updated Mon, 19 Nov 2012 12:00 PM IST
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उत्तराखंड राज्य आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने वाले आंदोलनकारी तमाम मांगों के अधूरे पडे़ होने पर गुस्से में आ गए हैं। कोटद्वार में रविवार को राज्य आंदोलनकारियों की दो बैठकें हुई। इन दोनों बैठकों में मांगें उठी, उन पर चरचा हुई और आंदोलन की तैयारी पर वे आगे बढे़। चिह्नित हो चुके और इससे वंचित रह गए दोनों तरह के आंदोलनकारी नाराज हैं। चिह्नित आंदोलनकारियों की मांग सुविधाओं को लेकर है, जबकि जो छूट गए हैं, वे सूची में अपना नाम दर्ज कराना चाहते हैं, ताकि सुविधाएं मिलने का रास्ता खुल सके।
अब होगा मंत्रियों और विधायकों का घेराव
कोटद्वार। उत्तराखंड राज्य निर्माण चिह्नित आंदोलनकारी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन की तैयारी में जुट गए हैं। हिंदू पंचायती धर्मशाला में हुई आंदोलनकारियों की बैठक में आंदोलन की रूपरेखा पर विचार-विमर्श किया गया। कहा गया कि मांगें पूरी करने के लिए अब मंत्रियों और विधायकों का घेराव किया जाएगा।
चिह्नित आंदोलनकारी संयोजक मंडल की बैठक में कहा गया कि आंदोलनकारियाें को राज्य निर्माण सेनानी घोषित करना, परिवहन निगम की बसों में सफर करने पर छूट, सरकारी और गैर सरकारी अस्पतालों में आंदोलनकारियों को नि:शुल्क उपचार समेत कई मांगों पर हामी भरने के बाद भी पूरा नहीं किया गया है। मांगें पूरी करने के लिए अब आंदोलन होगा, जिसके प्रथम चरण में क्षेत्रीय विधायकों और मंत्री का घेराव करने का निर्णय लिया गया है। दूसरे चरण में तहसील में क्रमिक अनशन और बाद में आमरण अनशन किया जाएगा। साथ ही आंदोलनकारियों में समानता को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर करने का भी निर्णय लिया गया है। बैठक की अध्यक्षता कन्हैयालाल अग्रवाल ने की और संचालन नंदन सिंह रावत ने किया। इस मौके पर गुलाब सिंह रावत, लोकेश पोखरियाल, पुष्कर सिंह रावत, गोविंद राम भाटिया और दीपक बिष्ट आदि लोग मौजूद रहे।
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सूची में नाम दर्ज नहीं हुआ, तो आंदोलन
कोटद्वार। उत्तराखंड आंदोलनकारियों की सूची से वंचित रहे आंदोलनकारियों ने भी दबाव बना शुरू कर दिया है। रविवार को ऐसे आंदोलनकारियों की बैठक हुई। इसमें कहा गया कि छूटे हुए आंदोलनकारियों को चिह्नित नहीं किया गया, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। बैठक में मुख्यमंत्री से मांग की गई कि आंदोलनकारियों का नाम सूची में दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कराए।
यहां आयोजित एक बैठक में राज्य आंदोलनकारी प्रवेश रावत ने कहा कि उत्तराखंड आंदोलन में जिन्होंने अहम भूमिका निभाई थी, उनमें से तमाम आंदोलनकारियों का सूची में नाम दर्ज नहीं हो पाया। आंदोलनकारियों में कुछ ऐसे लोगों के नाम दर्ज कर लिए गए हैं, जिनका आंदोलन से कुछ लेना देना नहीं था। उन्होंने कहा कि अगर शीघ्र छूटे हुए आंदोलनकारियों को चिह्नित नहीं किया गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। बैठक में जिला आंदोलनकारी चयन समिति के सदस्य महेंद्र रावत ने कहा कि आंदोलनकारियों का चिह्निकरण खटीमा और देहरादून की तर्ज पर होना चाहिए। बैठक में बैठक में सुभाष पांडेय, अमित देवरानी, अनुज भट्ट, महफूज आलम, अमर दीप सिंह, दिनेश अग्रवाल, प्रशांत उनियाल आदि मौजूद थे। संचालन राज्य आंदोलनकारी प्रमोद राणा ने किया।
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अब होगा मंत्रियों और विधायकों का घेराव
कोटद्वार। उत्तराखंड राज्य निर्माण चिह्नित आंदोलनकारी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन की तैयारी में जुट गए हैं। हिंदू पंचायती धर्मशाला में हुई आंदोलनकारियों की बैठक में आंदोलन की रूपरेखा पर विचार-विमर्श किया गया। कहा गया कि मांगें पूरी करने के लिए अब मंत्रियों और विधायकों का घेराव किया जाएगा।
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चिह्नित आंदोलनकारी संयोजक मंडल की बैठक में कहा गया कि आंदोलनकारियाें को राज्य निर्माण सेनानी घोषित करना, परिवहन निगम की बसों में सफर करने पर छूट, सरकारी और गैर सरकारी अस्पतालों में आंदोलनकारियों को नि:शुल्क उपचार समेत कई मांगों पर हामी भरने के बाद भी पूरा नहीं किया गया है। मांगें पूरी करने के लिए अब आंदोलन होगा, जिसके प्रथम चरण में क्षेत्रीय विधायकों और मंत्री का घेराव करने का निर्णय लिया गया है। दूसरे चरण में तहसील में क्रमिक अनशन और बाद में आमरण अनशन किया जाएगा। साथ ही आंदोलनकारियों में समानता को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर करने का भी निर्णय लिया गया है। बैठक की अध्यक्षता कन्हैयालाल अग्रवाल ने की और संचालन नंदन सिंह रावत ने किया। इस मौके पर गुलाब सिंह रावत, लोकेश पोखरियाल, पुष्कर सिंह रावत, गोविंद राम भाटिया और दीपक बिष्ट आदि लोग मौजूद रहे।
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सूची में नाम दर्ज नहीं हुआ, तो आंदोलन
कोटद्वार। उत्तराखंड आंदोलनकारियों की सूची से वंचित रहे आंदोलनकारियों ने भी दबाव बना शुरू कर दिया है। रविवार को ऐसे आंदोलनकारियों की बैठक हुई। इसमें कहा गया कि छूटे हुए आंदोलनकारियों को चिह्नित नहीं किया गया, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। बैठक में मुख्यमंत्री से मांग की गई कि आंदोलनकारियों का नाम सूची में दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कराए।
यहां आयोजित एक बैठक में राज्य आंदोलनकारी प्रवेश रावत ने कहा कि उत्तराखंड आंदोलन में जिन्होंने अहम भूमिका निभाई थी, उनमें से तमाम आंदोलनकारियों का सूची में नाम दर्ज नहीं हो पाया। आंदोलनकारियों में कुछ ऐसे लोगों के नाम दर्ज कर लिए गए हैं, जिनका आंदोलन से कुछ लेना देना नहीं था। उन्होंने कहा कि अगर शीघ्र छूटे हुए आंदोलनकारियों को चिह्नित नहीं किया गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। बैठक में जिला आंदोलनकारी चयन समिति के सदस्य महेंद्र रावत ने कहा कि आंदोलनकारियों का चिह्निकरण खटीमा और देहरादून की तर्ज पर होना चाहिए। बैठक में बैठक में सुभाष पांडेय, अमित देवरानी, अनुज भट्ट, महफूज आलम, अमर दीप सिंह, दिनेश अग्रवाल, प्रशांत उनियाल आदि मौजूद थे। संचालन राज्य आंदोलनकारी प्रमोद राणा ने किया।