फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pauri News ›   बेटियों से मिलने चल पड़ी रणगांव की कालिका

बेटियों से मिलने चल पड़ी रणगांव की कालिका

Tue, 28 Nov 2017 10:34 PM IST
Updated Tue, 28 Nov 2017 10:34 PM IST
विज्ञापन
बेटियों से मिलने चल पड़ी  रणगांव की कालिका

विज्ञापन
पौड़ी। राठ क्षेत्र अनूठी परंपराओं और रीति-रिवाजों से विशेष पहचान रखता है। ब्लॉक थलीसैण के ठेठ गांव रणगांव से कालिंका का न्याजा (निसाण) गांव से अन्य गांवों में विवाही गई बेटियों की कुशल क्षेम जानने निकल पड़ी है। क्षेत्र में 37 साल बाद हो रही इस यात्रा में कई गांवों के लोग नंगे पांव निशाण के साथ यात्रा पर निकल पड़े हैं।

मुख्यालय से करीब 165 किमी दूर मंगलवार की सुबह रणगांव के पंचायती चौक पर ढोल-दमाऊ की थाप पर लोगों ने देव आह्वान किया गया। कुलदेवी कालिंका का 21 फीट निशाण सजाया गया। इस यात्रा में गांव के बुजुर्ग, बच्चे और महिलाएं बड़ी संख्या में शामिल हुई। देखते ही देखते कई गांवों के मेले में तब्दील हो गया। कांलिका के 98 वर्षीय पुजारी ज्ञानदेव कहना हैं कि 37 साल पहले निशाण निकला था तब वे जवान थे और जीवन के अंतिम चरण में देवी का यह दयावान रूप देखकर अपने को धन्य समझ रहे हैं। राठ क्षेत्र का रणगांव 120 परिवारों का गांव है और पलायन यहां मात्र एक फीसदी ही है। भरेपूरे गांव से जितनी भी बेटियां विवाह कर दूूसरे गांवों में गई उन गांवों में यह निशाण पहुंचेगा। इसके साथ ही उन्हें अन्न-धन का आशीर्वाद देंगे। उन्होंने कहा कि मंगलवार को निसाण ऐंटी गांव पहुंचा जहां रात्रि विश्राम के बाद बुधवार को दूसरे गांव की ओर चल देगा। हर गांव में निशाण का जमकर स्वागत किया जाता है। यात्रा में शामिल यात्रियों को भगवान का रूप समझ कर सेवा दी जाती है। यात्रा में क्षेत्र पंचायत प्रमुख थलीसैण श्याम चरण मंमगाई, जगदीश प्रसाद आदि भी शामिल है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed