{"_id":"5babc05e867a557ed049230a","slug":"71537982558-pauri-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सोशल मीडिया में वीडियों वायरल होने पर अधिकारियों ने पुलिस को दी तहरीर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सोशल मीडिया में वीडियों वायरल होने पर अधिकारियों ने पुलिस को दी तहरीर
Updated Wed, 26 Sep 2018 10:52 PM IST
विज्ञापन
पौड़ी। सोशल मीडिया में वीडियो वायरल होने पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने पुलिस को तहरीर देकर मामले की जांच कराए जाने के साथ ही संबंधित के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने को कहा है। जिलाधिकारी एवं पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में संबंधित अधिकारियों का कहना है कि वीडियो वायरल होने से विभाग में उनकी छवि धूमिल हुई है।
पौड़ी में शिक्षा विभाग के दो अफसरों के खिलाफ जो वीडियो वायरल हुआ है। उसमें दो अफसरों में एक अफसर द्वारा किसी व्यक्ति से पैसा लिया जाना दिखाया गया है। इस वीडियो के वायरल होने के बाद धारा रोड निवासी एक व्यक्ति ने मंगलवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की थी। एसएसपी को लिखे पत्र में उसने कहा कि सोशल मीडिया में इन अधिकारियों से संबंधित दो वीडियो हैं। इसमें एक वीडियो में उन्हें देख लेने की धमकी दी गई है। इसके बाद बुधवार को संबंधित अधिकारियों की ओर से जिलाधिकारी सुशील कुमार, एसएसपी जेआर जोशी और कोतवाली पुलिस को मामले में पत्र लिखकर कहा गया है कि प्रकरण में कोई शिकायतकर्ता नहीं है। किस आधार पर वीडियो वायरल किया गया, इसकी जांच कराई जाए। पत्र में कहा गया है कि इस तरह का वीडियो वायरल कर विभाग में उनकी छवि धूमिल हुई है।
विज्ञापन
पौड़ी में शिक्षा विभाग के दो अफसरों के खिलाफ जो वीडियो वायरल हुआ है। उसमें दो अफसरों में एक अफसर द्वारा किसी व्यक्ति से पैसा लिया जाना दिखाया गया है। इस वीडियो के वायरल होने के बाद धारा रोड निवासी एक व्यक्ति ने मंगलवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की थी। एसएसपी को लिखे पत्र में उसने कहा कि सोशल मीडिया में इन अधिकारियों से संबंधित दो वीडियो हैं। इसमें एक वीडियो में उन्हें देख लेने की धमकी दी गई है। इसके बाद बुधवार को संबंधित अधिकारियों की ओर से जिलाधिकारी सुशील कुमार, एसएसपी जेआर जोशी और कोतवाली पुलिस को मामले में पत्र लिखकर कहा गया है कि प्रकरण में कोई शिकायतकर्ता नहीं है। किस आधार पर वीडियो वायरल किया गया, इसकी जांच कराई जाए। पत्र में कहा गया है कि इस तरह का वीडियो वायरल कर विभाग में उनकी छवि धूमिल हुई है।
विज्ञापन