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न्यूरोलॉजी ओपीडी में पहले दिन पहुंचे 70 मरीज
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राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर से संबद्ध बेस अस्पताल में लगभग 11 साल बाद मैक्स हॉस्पिटल देहरादून के सहयोग से न्यूरोलॉजी की ओपीडी शुरू हो गई है। अब न्यूरोलॉजी ओपीडी हर महीने के चौथे शनिवार को होगी। पहले दिन लगभग 70 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण हुआ। इनमें से कुछ को न्यूरोलॉजिस्ट ने जांच के लिए रेफर किया। शेष को दवा और फिजियोथैरेपी कराने की सलाह दी।
मेडिकल कॉलेज में वर्ष 2011 तक न्यूरो सर्जन तैनात थे। उनके चले जाने के बाद यहां कोई न्यूरोलॉजिस्ट/न्यूरो सर्जन नहीं आए। ऐसे में वैकल्पिक व्यवस्था के तहत मैक्स हॉस्पिटल के न्यूरोलॉजिस्ट बिग्रेडियर डॉ. एचसी पाठक (सेनि) की सेवाएं ली जा रही हैं। शनिवार को डॉ. पाठक का सुबह 10 से अपराह्न ढाई बजे तक ओपीडी में बैठने का समय निर्धारित था। लेकिन वह सुबह साढ़े नौ बजे से पहले ही पहुंच गए। अस्पताल में पहुंचने पर चिकित्सा अधीक्षक डॉ. केपी सिंह और जनसंपर्क अधिकारी अरुण बडोनी ने उनका स्वागत किया।
डॉ. पाठक अपराह्न तीन बजे तक मरीजों को देखते रहे। उन्होंने बताया कि न्यूरो रोग संबंधी मरीज काफी संख्या में पहुंचे। इसकी वजह न्यूरो स्पेशलिस्ट का न होना है। सामान्य दिक्कतें जनरल सर्जन और आर्थोपेडिक सर्जन देख लेते हैं। रीढ़ की हड्डी और दिमाग संबंधी दिक्कतों वाले मरीज ज्यादा आए। ओपीडी के बाद डॉ. पाठक ने मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. सीएम रावत से मुलाकात की। इस मौके पर उन्होंने कॉलेज में वीर चंद्र सिंह गढ़वाली की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।
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मेडिकल कॉलेज में वर्ष 2011 तक न्यूरो सर्जन तैनात थे। उनके चले जाने के बाद यहां कोई न्यूरोलॉजिस्ट/न्यूरो सर्जन नहीं आए। ऐसे में वैकल्पिक व्यवस्था के तहत मैक्स हॉस्पिटल के न्यूरोलॉजिस्ट बिग्रेडियर डॉ. एचसी पाठक (सेनि) की सेवाएं ली जा रही हैं। शनिवार को डॉ. पाठक का सुबह 10 से अपराह्न ढाई बजे तक ओपीडी में बैठने का समय निर्धारित था। लेकिन वह सुबह साढ़े नौ बजे से पहले ही पहुंच गए। अस्पताल में पहुंचने पर चिकित्सा अधीक्षक डॉ. केपी सिंह और जनसंपर्क अधिकारी अरुण बडोनी ने उनका स्वागत किया।
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डॉ. पाठक अपराह्न तीन बजे तक मरीजों को देखते रहे। उन्होंने बताया कि न्यूरो रोग संबंधी मरीज काफी संख्या में पहुंचे। इसकी वजह न्यूरो स्पेशलिस्ट का न होना है। सामान्य दिक्कतें जनरल सर्जन और आर्थोपेडिक सर्जन देख लेते हैं। रीढ़ की हड्डी और दिमाग संबंधी दिक्कतों वाले मरीज ज्यादा आए। ओपीडी के बाद डॉ. पाठक ने मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. सीएम रावत से मुलाकात की। इस मौके पर उन्होंने कॉलेज में वीर चंद्र सिंह गढ़वाली की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।
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