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बूंखाल कालिका मेले में आएंगी देव-डोलिया
Updated Mon, 27 Nov 2017 10:38 PM IST
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पाबौ। प्रसिद्ध बूंखाल कालिंका मेले की तैयारियों जोरों पर है। इस बार दो दिसंबर को मेले की तैयारियों में ग्रामीण अभी से जुट गए हैं। मंदिर के पुजारी रमेश गोदियाल ने बताया कि कालिंका में वर्ष 2011 तक पशुबलि होती थी, लेकिन अब यह मेला सात्विक रूप में मनाया जाता है।
राठ क्षेत्र के डेढ़ सौ से अधिक गांवों की आराध्या बूंखाल कालिंका देवी का मेला दो दिसंबर को होगा। मेले में क्षेत्र के गांवों से देव डोलियां ढोल दमाऊं के साथ मंदिर तक पहुंचेंगी। पुजारी बताते हैं कि सुबह ब्रह्म मुहूर्त में देवी की खड्ड खोली जाएगी। बताते हैं खड्ड में काली के पद चिह्नों के दर्शन होते हैं। सूर्य की प्रथम किरण के साथ ही मेला भव्य रूप ले लेगा। सामाजिक कार्यकर्ता सुरेंद्र नौटियाल व राकेश खंकरियाल ने बताया कि कंडारस्यूं, बालीकंडारस्यूं, घुड़दौड़स्यूं व अन्य क्षेत्रों से देव डोलियां बूंखाल कालिंका पहुंचेंगी।
राठ क्षेत्र के डेढ़ सौ से अधिक गांवों की आराध्या बूंखाल कालिंका देवी का मेला दो दिसंबर को होगा। मेले में क्षेत्र के गांवों से देव डोलियां ढोल दमाऊं के साथ मंदिर तक पहुंचेंगी। पुजारी बताते हैं कि सुबह ब्रह्म मुहूर्त में देवी की खड्ड खोली जाएगी। बताते हैं खड्ड में काली के पद चिह्नों के दर्शन होते हैं। सूर्य की प्रथम किरण के साथ ही मेला भव्य रूप ले लेगा। सामाजिक कार्यकर्ता सुरेंद्र नौटियाल व राकेश खंकरियाल ने बताया कि कंडारस्यूं, बालीकंडारस्यूं, घुड़दौड़स्यूं व अन्य क्षेत्रों से देव डोलियां बूंखाल कालिंका पहुंचेंगी।
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