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नेगी दा की उपेक्षा पर मुखर हुए लोग
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पौड़ी। प्रसिद्ध लोकगायक नरेंद्र सिंह नेगी को पद्म पुरस्कार नहीं दिए जाने पर जनपद के लोग मुखर हो गए हैं। लोगों ने कहा कि गढ़ रत्न की उपेक्षा सरकारों की कुंठित मानसिकता का परिचय है।
रविवार को जिला मुख्यालय पौड़ी में पौड़ी बचाओ संघर्ष समिति की बैठक हुई। इस मौके पर समिति के संयोजक नमन चंदोला ने कहा कि देश के गणतंत्र दिवस पर हर बार की तरह इस बार भी पद्म पुरस्कारों की घोषणा हुई और सरकारों की कुंठित मानसिकता एक बार फिर उजागर हुई। उन्होंने कहा कि प्रसिद्ध लोक गायक नरेंद्र सिंह नेगी को पद्म पुरस्कार दिए जाने के लिए सरकार आखिर क्यों डरी हुई है, जबकि जनता लगातार उन्हें पद्म पुरस्कार दिए जाने की मांग समय-समय पर उठाती रही है। चंदोला ने नेगी दा विगत 40 वर्षों से लोक साहित्य, संस्कृति व परंपरा को संरक्षित, पोषित व पल्लवित करने में दिए गए अतुलनीय योगदान को पद्म पुरस्कार से विभूषित किए जाने की मांग की। वहीं सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था हिलांस के अध्यक्ष प्रभाकर बाबुलकर ने कहा कि नेगी दा उत्तराखंड की आन, बान व शान हैं। उनके योगदान को पुरस्कारों में नहीं तोला जा सकता है। बावजूद जनता लगातार उन्हें पद्म पुरस्कार से नवाजे जाने की आवाज उठाती रही है, लेकिन सरकार का यह उपेक्षापूर्ण व्यवहार राजनीति से प्रेरित लगता है। इस अवसर पर नीरज बिष्ट, दीपक रावत, संदीप आदि मौजूद थे।
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रविवार को जिला मुख्यालय पौड़ी में पौड़ी बचाओ संघर्ष समिति की बैठक हुई। इस मौके पर समिति के संयोजक नमन चंदोला ने कहा कि देश के गणतंत्र दिवस पर हर बार की तरह इस बार भी पद्म पुरस्कारों की घोषणा हुई और सरकारों की कुंठित मानसिकता एक बार फिर उजागर हुई। उन्होंने कहा कि प्रसिद्ध लोक गायक नरेंद्र सिंह नेगी को पद्म पुरस्कार दिए जाने के लिए सरकार आखिर क्यों डरी हुई है, जबकि जनता लगातार उन्हें पद्म पुरस्कार दिए जाने की मांग समय-समय पर उठाती रही है। चंदोला ने नेगी दा विगत 40 वर्षों से लोक साहित्य, संस्कृति व परंपरा को संरक्षित, पोषित व पल्लवित करने में दिए गए अतुलनीय योगदान को पद्म पुरस्कार से विभूषित किए जाने की मांग की। वहीं सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था हिलांस के अध्यक्ष प्रभाकर बाबुलकर ने कहा कि नेगी दा उत्तराखंड की आन, बान व शान हैं। उनके योगदान को पुरस्कारों में नहीं तोला जा सकता है। बावजूद जनता लगातार उन्हें पद्म पुरस्कार से नवाजे जाने की आवाज उठाती रही है, लेकिन सरकार का यह उपेक्षापूर्ण व्यवहार राजनीति से प्रेरित लगता है। इस अवसर पर नीरज बिष्ट, दीपक रावत, संदीप आदि मौजूद थे।
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