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गढ़वाल विवि के 32 शिक्षकों ने दिया 28 विषयों का प्रशिक्षण
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गढ़वाल केंद्रीय विवि के इंस्टीट्यूट इनोवेशन सेल की ओर से एक जून से आयोजित आठ सप्ताह के ऑनलाइन ग्रीष्मकालीन प्रशिक्षण का समापन सोमवार को किया गया। इसमें देश के 17 राज्यों के विवि व कॉलेजों में पंजीकृत 201 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। मौके पर गढ़वाल विवि के 32 शिक्षकों ने प्रतिभागियों को 28 विषयों पर प्रशिक्षण दिया।
सोमवार को समापन पर आईआईसी के उपाध्यक्ष व कार्यक्रम संयोजक डॉ. आलोक सागर गौतम ने प्रशिक्षण कार्यक्रम का वीडियो प्रस्तुत किया। इसके बाद मुख्य अतिथि नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी जमशेदपुर झारखंड रसायन शास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. बलराम अंबाडे ने कार्यक्रम की सराहना की। पर्यवेक्षक प्रो. आरएस नेगी ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम से कोरोनाकाल में ठप हुई गतिविधियों को फिर से शुरू करने में छात्रों और शिक्षकों को प्रेरणा मिलेगी। प्रो. वीणा जोशी ने कार्यक्रम को शोधार्थियों और शिक्षकों के लिए प्रेरणादायी बताया। एनआईटी श्रीनगर के प्रतिभागी अक्षय ने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम से उन्हें शोध के क्षेत्र में अहम जानकारी प्राप्त हुई है। प्रो. अतुल ध्यानी ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों को करने से युवा वर्ग में नये विचार उत्पन्न होंगे। मौके पर प्रतिभागियों की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दी गईं। कार्यक्रम में प्रो. मंजू पांडेय, डॉ. सुधीर कुमार चतुर्वेदी, डॉ. विनीत कुमार मौर्य, डॉ. हीरालाल यादव, डॉ. श्वेता वर्मा, निखिल, वीर प्रताप, अंशुल देवली शामिल थे।
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सोमवार को समापन पर आईआईसी के उपाध्यक्ष व कार्यक्रम संयोजक डॉ. आलोक सागर गौतम ने प्रशिक्षण कार्यक्रम का वीडियो प्रस्तुत किया। इसके बाद मुख्य अतिथि नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी जमशेदपुर झारखंड रसायन शास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. बलराम अंबाडे ने कार्यक्रम की सराहना की। पर्यवेक्षक प्रो. आरएस नेगी ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम से कोरोनाकाल में ठप हुई गतिविधियों को फिर से शुरू करने में छात्रों और शिक्षकों को प्रेरणा मिलेगी। प्रो. वीणा जोशी ने कार्यक्रम को शोधार्थियों और शिक्षकों के लिए प्रेरणादायी बताया। एनआईटी श्रीनगर के प्रतिभागी अक्षय ने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम से उन्हें शोध के क्षेत्र में अहम जानकारी प्राप्त हुई है। प्रो. अतुल ध्यानी ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों को करने से युवा वर्ग में नये विचार उत्पन्न होंगे। मौके पर प्रतिभागियों की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दी गईं। कार्यक्रम में प्रो. मंजू पांडेय, डॉ. सुधीर कुमार चतुर्वेदी, डॉ. विनीत कुमार मौर्य, डॉ. हीरालाल यादव, डॉ. श्वेता वर्मा, निखिल, वीर प्रताप, अंशुल देवली शामिल थे।
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