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शिक्षक दिवस पर विशेष - हर घर फूल हर घर शिक्षा का उजियारा
Updated Mon, 04 Sep 2017 10:44 PM IST
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मनीष चंद्र भट्ट
पौड़ी। जिले के सुदूरवर्ती क्षेत्र चुठानी के युवा शिक्षक पंकज सुंदरियाल शिक्षा के साथ पर्यावरण का भी उजियारा फैला रहे हैं। इसके लिए शिक्षक ने बाकायदा पठन पठान के साथ हर घर फूल हर बच्चे को पौधे अभियान चलाया है। स्कूल का शानदार परीक्षाफल और स्कूल में खिल रही बगिया से महकती फूलों की महक उनकी मेहनत को साबित कर रही है।
ऐसे समय में जबकि कई शिक्षक दुर्गम क्षेत्रों के स्कूलों मे जाने से कतराते हैंए ये शिक्षक पंकज उन्हें आईना दिखाने को काफी है। मूल रूप से पौड़ी जिले के चौबट्टाखाल के रहने वाले शिक्षक पंकज सुंदरियाल की 33 वर्ष की उम्र में सहायक अध्यापक के रूप में नियुक्ति हुई। उनकी पहली पोस्टिंग अगस्त 2013 में जिला मुख्यालय से करीब 60 किलोमीटर दूर प्रथमिक विद्यालय चुठानी में हुई। बच्चों की पढ़ाई के साथ ही इस युवा शिक्षक ने पर्यावरण संरक्षण के लिए भी कुछ करने का बीड़ा उठाया। अपने व्यक्तिगत प्रयासों से पंकज ने पहले स्कूल में हीी पौधे लगाने की शुरुआत की। फिर बच्चों को भी पौधे लगाने के लिए प्रेरित किया। शिक्षक की मेहनत और छात्रों की लगन का ही परिणाम है कि आज स्कूल की वाटिका में 68 प्रकार के फूलदारए फलदार और औषधीय पौधे लगे हैं। जिनसे स्कूल और आसपास का क्षेत्र भी महक रहा है। बकौल शिक्षक पंकज किसी भी जागरूकता अभियान का संदेश देने के लिए छात्र बेहतरीन माध्यम हो सकते हैं। उन्हौने बताया कि छात्रों को पौधे लगाने के साथ ही वे उन पौधों के विभिन्न फायदों और उससे संबंधित घरेलू और वैज्ञानिक जानकारी भी देते हैं। ताकि छात्रों में उत्सुकता भी पैदा हो। वे लैपटॉप के जरिये भी छात्रों को पौधों के बारे में जानकारी देते हैं। पौड़ी जिले के थैलीसैंण ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले इस सुदूरवर्ती स्कूल में वर्तमान में 53 छात्र.छात्राएं हैं। स्कूल मे प्रिंसिपल के अलावा पंकज सहायक अध्यापक हैं। इन दो शिक्षकों के परिश्रम की वजह से स्कूल का रिजल्ट भी शानदार रहता है। यही वजह है कि महज चार साल की अध्यापक की नौकरी में ही पंकज क्षेत्र में खासे लोकप्रिय हो गए हैं। शिक्षक पंकज का कहना है कि इस कार्य में उन्हें स्कूल के प्रिंसिपल का भी पूरा सहयोग मिलता है।
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पौड़ी। जिले के सुदूरवर्ती क्षेत्र चुठानी के युवा शिक्षक पंकज सुंदरियाल शिक्षा के साथ पर्यावरण का भी उजियारा फैला रहे हैं। इसके लिए शिक्षक ने बाकायदा पठन पठान के साथ हर घर फूल हर बच्चे को पौधे अभियान चलाया है। स्कूल का शानदार परीक्षाफल और स्कूल में खिल रही बगिया से महकती फूलों की महक उनकी मेहनत को साबित कर रही है।
ऐसे समय में जबकि कई शिक्षक दुर्गम क्षेत्रों के स्कूलों मे जाने से कतराते हैंए ये शिक्षक पंकज उन्हें आईना दिखाने को काफी है। मूल रूप से पौड़ी जिले के चौबट्टाखाल के रहने वाले शिक्षक पंकज सुंदरियाल की 33 वर्ष की उम्र में सहायक अध्यापक के रूप में नियुक्ति हुई। उनकी पहली पोस्टिंग अगस्त 2013 में जिला मुख्यालय से करीब 60 किलोमीटर दूर प्रथमिक विद्यालय चुठानी में हुई। बच्चों की पढ़ाई के साथ ही इस युवा शिक्षक ने पर्यावरण संरक्षण के लिए भी कुछ करने का बीड़ा उठाया। अपने व्यक्तिगत प्रयासों से पंकज ने पहले स्कूल में हीी पौधे लगाने की शुरुआत की। फिर बच्चों को भी पौधे लगाने के लिए प्रेरित किया। शिक्षक की मेहनत और छात्रों की लगन का ही परिणाम है कि आज स्कूल की वाटिका में 68 प्रकार के फूलदारए फलदार और औषधीय पौधे लगे हैं। जिनसे स्कूल और आसपास का क्षेत्र भी महक रहा है। बकौल शिक्षक पंकज किसी भी जागरूकता अभियान का संदेश देने के लिए छात्र बेहतरीन माध्यम हो सकते हैं। उन्हौने बताया कि छात्रों को पौधे लगाने के साथ ही वे उन पौधों के विभिन्न फायदों और उससे संबंधित घरेलू और वैज्ञानिक जानकारी भी देते हैं। ताकि छात्रों में उत्सुकता भी पैदा हो। वे लैपटॉप के जरिये भी छात्रों को पौधों के बारे में जानकारी देते हैं। पौड़ी जिले के थैलीसैंण ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले इस सुदूरवर्ती स्कूल में वर्तमान में 53 छात्र.छात्राएं हैं। स्कूल मे प्रिंसिपल के अलावा पंकज सहायक अध्यापक हैं। इन दो शिक्षकों के परिश्रम की वजह से स्कूल का रिजल्ट भी शानदार रहता है। यही वजह है कि महज चार साल की अध्यापक की नौकरी में ही पंकज क्षेत्र में खासे लोकप्रिय हो गए हैं। शिक्षक पंकज का कहना है कि इस कार्य में उन्हें स्कूल के प्रिंसिपल का भी पूरा सहयोग मिलता है।
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