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गूल क्षतिग्रस्त होने से सिंचाई में आ रही दिक्कत
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श्रीनगर। सिंचाई विभाग की गूल क्षतिग्रस्त होने से चौरास क्षेत्र की करीब 200 नाली कृषि भूमि बंजर होने के कगार पर है। गूल की मरम्मतीकरण के लिए ग्रामीण विधायक से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन स्थिति जस की बनी हुई है। अब ग्रामीणों ने एक बार फिर एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर गूल की मरम्मत की मांग की है।
कांग्रेस पार्टी के प्रदेश कमेटी सदस्य डा. प्रताप भंडारी ने बताया कि मढ़ी, सांकरो, बड़कोट, मंगसू, नैथाणा, थापली सहित कई गांवों की सिंचित भूमि के लिए सिंचाई विभाग ने नैनीसैंण से मढ़ी सांकरों तक करीब पांच किमी लंबी गूल बनाई थी। गूल करीब 50 वर्ष पुरानी है, जिसका एक भी बार मरम्मतीकरण नहीं हो पाया है। बड़कोट के समीप गूल का करीब 500 मीटर हिस्सा क्षतिग्रस्त हो चुका है। गूल की मरम्मतीकरण के लिए विधायक से गुहार लगाई गई, लेकिन समस्या जस की बनी हुई है। ग्रामीणों ने एक बार फिर एसडीएम अनुराधा पाल को समस्या के निराकरण को ज्ञापन में सौंपा है।
कांग्रेस पार्टी के प्रदेश कमेटी सदस्य डा. प्रताप भंडारी ने बताया कि मढ़ी, सांकरो, बड़कोट, मंगसू, नैथाणा, थापली सहित कई गांवों की सिंचित भूमि के लिए सिंचाई विभाग ने नैनीसैंण से मढ़ी सांकरों तक करीब पांच किमी लंबी गूल बनाई थी। गूल करीब 50 वर्ष पुरानी है, जिसका एक भी बार मरम्मतीकरण नहीं हो पाया है। बड़कोट के समीप गूल का करीब 500 मीटर हिस्सा क्षतिग्रस्त हो चुका है। गूल की मरम्मतीकरण के लिए विधायक से गुहार लगाई गई, लेकिन समस्या जस की बनी हुई है। ग्रामीणों ने एक बार फिर एसडीएम अनुराधा पाल को समस्या के निराकरण को ज्ञापन में सौंपा है।
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