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प्रशिक्षण केंद्र के लिए रोका प्राकृतिक जल स्रोत
Updated Sat, 29 Jul 2017 09:58 PM IST
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पौड़ी। ईटीसी के निकट चल रहे प्रसार प्रशिक्षण केंद्र के निर्माण कार्य के चलते यहां एक प्राकृतिक जल स्रोत का पानी रोक दिया गया है। स्थानीय निवासियों की शिकायत पर डीएम ने मामले की जांच के आदेेश दिए हैं।
शहर के प्रसार प्रशिक्षण केंद्र के निकट प्राचीन जल स्रोत से वार्ड संख्या 10 की आधी आबादी की प्यास बुझती है। अब यह पेयजल स्रोत ही संकट में है क्योंकि कार्यदायी संस्था ने स्रोत के पानी को रोककर उसका इस्तेमाल अपने निर्माण कार्य में कर रही है। स्रोत का पानी रुकने के बाद वार्ड के लोगों ने गुस्सा है। उन्होंने इस संबंध में डीएम से भी मुलाकात की और कार्यदायी संस्था के खिलाफ केस भी दर्ज करने की मांग की। स्थानीय निवासी विनोद जोशी, एसपी खर्कवाल, पुरुषोत्तम ममर्गाइं, अनिल जुगरान, अनूप रावत, विजय शर्मा, तोताराम भट्ट, हरीश विलियम, मनोज खर्कवाल, प्रेम लाल, धनीराम, अरविंद जुयाल, सोवन सिंह नेगी, प्रेम गैरोला आदि ने डीएम से शिकायत कर पेयजल स्रोत के संरक्षण कराने की मांग की है। उधर, पौड़ी के लीड बैंक अधिकारी नंद किशोर का कहना है कि प्रशिक्षण केंद्र का निर्माण एक संस्था द्वारा किया जा रहा है। उनके द्वारा पानी रोका गया, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है।
कोट
कुछ लोगों ने इस बारे में शिकायत की है। प्राकृतिक जल स्रोत का पानी नहीं रोका जा सकता है। जल्द ही जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।--सुशील कुमार, डीएम पौड़ी
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शहर के प्रसार प्रशिक्षण केंद्र के निकट प्राचीन जल स्रोत से वार्ड संख्या 10 की आधी आबादी की प्यास बुझती है। अब यह पेयजल स्रोत ही संकट में है क्योंकि कार्यदायी संस्था ने स्रोत के पानी को रोककर उसका इस्तेमाल अपने निर्माण कार्य में कर रही है। स्रोत का पानी रुकने के बाद वार्ड के लोगों ने गुस्सा है। उन्होंने इस संबंध में डीएम से भी मुलाकात की और कार्यदायी संस्था के खिलाफ केस भी दर्ज करने की मांग की। स्थानीय निवासी विनोद जोशी, एसपी खर्कवाल, पुरुषोत्तम ममर्गाइं, अनिल जुगरान, अनूप रावत, विजय शर्मा, तोताराम भट्ट, हरीश विलियम, मनोज खर्कवाल, प्रेम लाल, धनीराम, अरविंद जुयाल, सोवन सिंह नेगी, प्रेम गैरोला आदि ने डीएम से शिकायत कर पेयजल स्रोत के संरक्षण कराने की मांग की है। उधर, पौड़ी के लीड बैंक अधिकारी नंद किशोर का कहना है कि प्रशिक्षण केंद्र का निर्माण एक संस्था द्वारा किया जा रहा है। उनके द्वारा पानी रोका गया, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है।
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कुछ लोगों ने इस बारे में शिकायत की है। प्राकृतिक जल स्रोत का पानी नहीं रोका जा सकता है। जल्द ही जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।--सुशील कुमार, डीएम पौड़ी
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