{"_id":"5b7d971b42c7924633077091","slug":"161534957339-pauri-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सबदरखाल में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे ग्रामीण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सबदरखाल में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे ग्रामीण
Updated Wed, 22 Aug 2018 10:36 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पौड़ी। रामकुंड कादेखाल पेयजल योजना पर काम शुरू न होने से नाराज ग्रामीणों ने रामलीला मैदान सबदरखाल में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने कहा कि शासन ने बीस दिन में योजना पर काम शुरू होने का आश्वासन दिया था, लेकिन आश्वासन पर अब तक अमल नहीं हुआ।
धरने पर बैठे प्रयास विकास समिति के अध्यक्ष भरत सिंह कोठियाल ने कहा कि क्षेत्र के 63 गांवों में पेयजल की समस्या बनी है। पूर्व में 15 अप्रैल से धरना और अनशन किया था। सीएम के निर्देश पर पेयजल सचिव की ओर से मामले में 20 दिन में कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था, लेकिन इस पर अमल नहीं हुआ। मजबूरन ग्रामीणों को एक बार फिर से आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ा है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में पेयजल की समस्या जल्द दूर की जाएगी। समिति के अध्यक्ष ने कहा कि यदि मांग पर शीघ्र अमल न हुआ तो ग्रामीण एक बार फिर आमरण अनशन शुरू करने को बाध्य होंगे। धरने पर बैठने वालों में प्रयास विकास समिति सबदरखाल के अध्यक्ष भरत सिंह कोठियाल, महामंत्री मकान सिंह, एमएस चौहान, गणेश भट्ट, शिशु पाल सिंह चौहान आदि शामिल रहे।
विज्ञापन
धरने पर बैठे प्रयास विकास समिति के अध्यक्ष भरत सिंह कोठियाल ने कहा कि क्षेत्र के 63 गांवों में पेयजल की समस्या बनी है। पूर्व में 15 अप्रैल से धरना और अनशन किया था। सीएम के निर्देश पर पेयजल सचिव की ओर से मामले में 20 दिन में कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था, लेकिन इस पर अमल नहीं हुआ। मजबूरन ग्रामीणों को एक बार फिर से आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ा है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में पेयजल की समस्या जल्द दूर की जाएगी। समिति के अध्यक्ष ने कहा कि यदि मांग पर शीघ्र अमल न हुआ तो ग्रामीण एक बार फिर आमरण अनशन शुरू करने को बाध्य होंगे। धरने पर बैठने वालों में प्रयास विकास समिति सबदरखाल के अध्यक्ष भरत सिंह कोठियाल, महामंत्री मकान सिंह, एमएस चौहान, गणेश भट्ट, शिशु पाल सिंह चौहान आदि शामिल रहे।
विज्ञापन