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ग्राम प्रधानों को बताई अपशिष्ट प्रबंधन की वैज्ञानिक विधि
Updated Wed, 31 Jan 2018 10:25 PM IST
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पौड़ी। स्वच्छ भारत मिशन के तहत ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर आयोजित कार्यशाला में विशेषज्ञों ने जन प्रतिनिधियों को वैज्ञानिक तकनीक की जानकारी दी।
विकास भवन सभागार में जिला परियोजना प्रबंधन इकाई (स्वजल परियोजना) की ओर से आयोजित कार्यशाला की अध्यक्षता सीडीओ रवनीत चीमा ने की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड ओडीएफ घोषित हो चुका है। राज्य सरकारओडीएफ प्लस के संकल्प को आगे बढ़ाने की रणनीति पर कार्य कर रही है। इसके तहत सभी गांव, कस्बों व नगरों को कूड़ा मुक्त करने तथा उन्हें स्वच्छ रखने के प्रयास किए जा रहे हैं। कार्यक्रम का संचालन करते हुए पर्यावरण विशेषज्ञ डा. लोकेंद्र सिंह चौहान ने दृश्य एवं श्रव्य के माध्यम से जनप्रतिनिधियों को ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन की वैज्ञानिक तकनीकों के बारे में बताया। उन्होंने कूड़े को एकत्रित करने तथा उसके वैज्ञानिक उपयोग की विधियां बताईं।
इस मौके पर सहायक परियोजना निदेशक सुनील कुमार, डीडीओ वेद प्रकाश, स्वजल के इकाई समन्वयक एमएम मुस्तफा, सामुदायिक विशेषज्ञ स्वजल बीरेंद्र भट्ट, डीपीआरओ एमएम खान, बीडीओ सुमन राणा व आरएस चौहान आदि उपस्थित रहे।
विकास भवन सभागार में जिला परियोजना प्रबंधन इकाई (स्वजल परियोजना) की ओर से आयोजित कार्यशाला की अध्यक्षता सीडीओ रवनीत चीमा ने की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड ओडीएफ घोषित हो चुका है। राज्य सरकारओडीएफ प्लस के संकल्प को आगे बढ़ाने की रणनीति पर कार्य कर रही है। इसके तहत सभी गांव, कस्बों व नगरों को कूड़ा मुक्त करने तथा उन्हें स्वच्छ रखने के प्रयास किए जा रहे हैं। कार्यक्रम का संचालन करते हुए पर्यावरण विशेषज्ञ डा. लोकेंद्र सिंह चौहान ने दृश्य एवं श्रव्य के माध्यम से जनप्रतिनिधियों को ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन की वैज्ञानिक तकनीकों के बारे में बताया। उन्होंने कूड़े को एकत्रित करने तथा उसके वैज्ञानिक उपयोग की विधियां बताईं।
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इस मौके पर सहायक परियोजना निदेशक सुनील कुमार, डीडीओ वेद प्रकाश, स्वजल के इकाई समन्वयक एमएम मुस्तफा, सामुदायिक विशेषज्ञ स्वजल बीरेंद्र भट्ट, डीपीआरओ एमएम खान, बीडीओ सुमन राणा व आरएस चौहान आदि उपस्थित रहे।
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