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बूंखाल कांलिका मेला दो को, तैयारियों में जुटे गांव
Updated Tue, 28 Nov 2017 10:34 PM IST
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पाबौ। प्रसिद्ध बूंखाल कालिका मेले की तैयारियों जोरों पर है। इस बार दो दिसंबर को मेले की तैयारियों में ग्रामीण अभी से जुट गए हैं। मंदिर के पुजारी रमेश गोदियाल ने बताया कि कालिंका में वर्ष 2011 तक बड़ी संख्या में पशुबलि होती थी लेकिन अब यह मेला सात्विक रूप में मनाया जाता है।
राठ क्षेत्र डेढ़ सौ से अधिक गांवों की आराध्या बूंखाल कालिदा देवी का मेला 2 दिसंबर को आयोजित होगा। मेले में क्षेत्र के गांवों से देव डोलियां ढोल-दमाऊ के साथ मंदिर तक पहुंचेंगी। पुजारी बताते हैं कि सुबह ब्रहम मुहूर्त में देवी की खड्ड खोली जाएगी। बताते हैं खड्ड में काली के पद चिह्नों के दर्शन होते हैं। सूर्य की प्रथम किरण के साथ ही मेला भव्य रूप ले लेगा। सामाजिक कार्यकर्ता सुरेंद्र नौटियाल व राकेश खंकरियाल बताया कि कंडारस्यूं, बालीकंडारस्यूं, घुड़दौड़स्यूं व अन्य क्षेत्रों से देव डोलियां बूंखाल कालिका पहुंचेंगी।
राठ क्षेत्र डेढ़ सौ से अधिक गांवों की आराध्या बूंखाल कालिदा देवी का मेला 2 दिसंबर को आयोजित होगा। मेले में क्षेत्र के गांवों से देव डोलियां ढोल-दमाऊ के साथ मंदिर तक पहुंचेंगी। पुजारी बताते हैं कि सुबह ब्रहम मुहूर्त में देवी की खड्ड खोली जाएगी। बताते हैं खड्ड में काली के पद चिह्नों के दर्शन होते हैं। सूर्य की प्रथम किरण के साथ ही मेला भव्य रूप ले लेगा। सामाजिक कार्यकर्ता सुरेंद्र नौटियाल व राकेश खंकरियाल बताया कि कंडारस्यूं, बालीकंडारस्यूं, घुड़दौड़स्यूं व अन्य क्षेत्रों से देव डोलियां बूंखाल कालिका पहुंचेंगी।
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