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ओड़िसी नृत्य पर नौनिहालों ने मिलायी ताल से ताल
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पौड़ी। स्पीक मैके की ओर से ओडिसी नृत्य कार्यशाला का आयोजन किया गया। सरिता मिश्रा के नृत्य को देख नौनिहालों ने नृत्य के दौरान ताल से ताल मिलायी। छात्र-छात्राओं ने नृत्य के विषय में अपनी जिज्ञासा भी शांत की।
बुधवार को जीआईसी कठूली व राजकीय आदर्श प्राथमिक विद्यालय नंबर-5 में प्रसिद्ध ओडिसी नृत्यांगना सरिता मिश्रा ने शास्त्रीय नृत्य की प्रस्तुति दी। नृत्यांगना ने ओडिसी नृत्य के चौका त्रिभंगी और पल्लवी नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति देकर खूब वाहवाही बटोरी। उन्हें प्रस्तुति देता देख छात्र-छात्राओं ने भी उनके साथ कदम से कदम मिलाए। सरिता ने बताया कि ओडिसी नृत्य ने शिल्प रुप से जन्म लिया है। उड़ीसा के मंदिरों में शिल्प मूर्तियों से यह दूसरी शताब्दी में शुरू हुआ है। उन्होंने बताया कि इस नृत्य में मूलरूप से भगवान जगन्नाथ व श्रीकृष्ण की आराधना नृत्य शैली में की जाती है। सरिता ने नृत्य में परास्नात्तक किया है। वे बंगलुरू में ओडिसी नृत्य स्कूल का संचालन करती हैं। जो आध्याशा फाउंडेशन के सहयोग से चलाया जाता है। सरिता मिश्रा मूल रुप से उड़ीसा की रहने वाली हैं। कार्यक्रम का संचालन कमलेश बलूनी व अरविंद टम्टा ने किया। इस अवसर पर स्पीक मैके उत्तराखंड प्रभारी परवेज अहमद, सदस्य महेश गिरी, प्रधानाचार्य सरोजनी मैठाणी, ब्रह्मानंद आर्य, मुकेश कुमार, अर्जुन सिंह पंवार, कनकलता, नीलम जैन, उमा जुयाल, बैजनाथ पुंडीर आदि मौजूद थे।
मनोहर
बुधवार को जीआईसी कठूली व राजकीय आदर्श प्राथमिक विद्यालय नंबर-5 में प्रसिद्ध ओडिसी नृत्यांगना सरिता मिश्रा ने शास्त्रीय नृत्य की प्रस्तुति दी। नृत्यांगना ने ओडिसी नृत्य के चौका त्रिभंगी और पल्लवी नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति देकर खूब वाहवाही बटोरी। उन्हें प्रस्तुति देता देख छात्र-छात्राओं ने भी उनके साथ कदम से कदम मिलाए। सरिता ने बताया कि ओडिसी नृत्य ने शिल्प रुप से जन्म लिया है। उड़ीसा के मंदिरों में शिल्प मूर्तियों से यह दूसरी शताब्दी में शुरू हुआ है। उन्होंने बताया कि इस नृत्य में मूलरूप से भगवान जगन्नाथ व श्रीकृष्ण की आराधना नृत्य शैली में की जाती है। सरिता ने नृत्य में परास्नात्तक किया है। वे बंगलुरू में ओडिसी नृत्य स्कूल का संचालन करती हैं। जो आध्याशा फाउंडेशन के सहयोग से चलाया जाता है। सरिता मिश्रा मूल रुप से उड़ीसा की रहने वाली हैं। कार्यक्रम का संचालन कमलेश बलूनी व अरविंद टम्टा ने किया। इस अवसर पर स्पीक मैके उत्तराखंड प्रभारी परवेज अहमद, सदस्य महेश गिरी, प्रधानाचार्य सरोजनी मैठाणी, ब्रह्मानंद आर्य, मुकेश कुमार, अर्जुन सिंह पंवार, कनकलता, नीलम जैन, उमा जुयाल, बैजनाथ पुंडीर आदि मौजूद थे।
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