{"_id":"5c4de1c6bdec2273aa6ba8c3","slug":"141548607942-pauri-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ कफोलस्यूं महोत्सव का हुआ आगाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ कफोलस्यूं महोत्सव का हुआ आगाज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पौड़ी। युवा उत्थान समिति अगरोड़ा (कफोलस्यूं) की ओर से आयोजित दूसरे कफोलस्यूं महोत्सव का रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ आगाज हो गया है। पांच दिवसीय महोत्सव में छात्र-छात्राओं की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, लोकगीत, लोकनृत्य, भाषण व रंगोली प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। महोत्सव में महिला मंगल दलों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आकर्षण का केंद्र रहेंगी।
रविवार को अगरोड़ा में आयोजित कफोलस्यूं महोत्सव का शुभारंभ मुख्य अतिथि विधायक मुकेश कोली ने किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि महोत्सव हमारी सांस्कृतिक व सामाजिक धरोहर हैं। कोली ने कहा कि कोलड़ी-पोखरीखेत सड़क को प्राथमिकता के आधार पर बनाया जाएगा। समिति के अध्यक्ष गौरव रावत ने कहा कि साथी युवाओं की पहल से पहाड़ की संस्कृति के संरक्षण में यह छोटा सा योगदान दिया जा रहा है। महोत्सव की शुरुआत ज्वाल्पा धाम संस्कृत विद्यालय के छात्रों द्वारा सरस्वती वंदना से हुई। महिला मंगल दल कोलड़ी व रिठाई ने थड़िया-चौफला की प्रस्तुति दी। महोत्सव में रापूमावि नानसू, जइंका डांगीधार, परसुंडाखाल के छात्र-छात्राओं ने लोकगीत, लोकनृत्य प्रस्तुत किए। जइंका परसुंडाखाल की छात्रा सोनाली के पहाड़ों से हो रहे पलायन पर दिए भाषण को जमकर सराहा गया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय संयोजक सहयोग सेल वीरेंद्र जुयाल, देवेंद्र बिष्ट, प्रेम सिंह, नागेश नेगी, पवन बिष्ट, संतोष चंदोला, अजय नैथानी, रविंद्र रावत, संतोष नेगी, दीपक नेगी, अजीत थपलियाल व भारतभूषण आदि शामिल थे।
विज्ञापन
रविवार को अगरोड़ा में आयोजित कफोलस्यूं महोत्सव का शुभारंभ मुख्य अतिथि विधायक मुकेश कोली ने किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि महोत्सव हमारी सांस्कृतिक व सामाजिक धरोहर हैं। कोली ने कहा कि कोलड़ी-पोखरीखेत सड़क को प्राथमिकता के आधार पर बनाया जाएगा। समिति के अध्यक्ष गौरव रावत ने कहा कि साथी युवाओं की पहल से पहाड़ की संस्कृति के संरक्षण में यह छोटा सा योगदान दिया जा रहा है। महोत्सव की शुरुआत ज्वाल्पा धाम संस्कृत विद्यालय के छात्रों द्वारा सरस्वती वंदना से हुई। महिला मंगल दल कोलड़ी व रिठाई ने थड़िया-चौफला की प्रस्तुति दी। महोत्सव में रापूमावि नानसू, जइंका डांगीधार, परसुंडाखाल के छात्र-छात्राओं ने लोकगीत, लोकनृत्य प्रस्तुत किए। जइंका परसुंडाखाल की छात्रा सोनाली के पहाड़ों से हो रहे पलायन पर दिए भाषण को जमकर सराहा गया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय संयोजक सहयोग सेल वीरेंद्र जुयाल, देवेंद्र बिष्ट, प्रेम सिंह, नागेश नेगी, पवन बिष्ट, संतोष चंदोला, अजय नैथानी, रविंद्र रावत, संतोष नेगी, दीपक नेगी, अजीत थपलियाल व भारतभूषण आदि शामिल थे।
विज्ञापन