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स्वामी आत्माबोधानंद के समर्थन में विभिन्न संगठनों ने दिया सामूहिक धरना
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श्रीनगर। गंगा की अविरलता, निर्मलता व अवैध खनन के खिलाफ 185 दिनों से अनिश्चितकालीन अनशन कर रहे स्वामी आत्माबोधानंद के समर्थन में विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों ने गोलापार्क में सामूहिक धरना दिया। आयोजित सभा में वक्ताओं ने सरकार द्वारा शीघ्र संतों की मांगों का संज्ञान नहीं लेने पर जन आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है।
मंगलवार को गोलापार्क में सामूहिक धरने पर बैठे वक्ताओं ने कहा कि सरकार का अनशनकारियों के प्रति पहले से ही निराशाजनक रवैया रहा है। कहा कि स्वामी के स्वास्थ्य में आए दिन आ रही गिरावट से उनके प्राण संकट में पड़ सकते है। इससे पूर्व भी गंगा के मुद्दे पर स्वामी निगमानंद व स्वामी सानंद भी अपनी देह त्याग चुके है। बावजूद सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से नहीं ले रही है। धरना स्थल पर मौजूद विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों ने कहा कि गंगा हमारी संस्कृति और सभ्यता है। चेतावनी दी कि अगर संतों की बात नहीं मानी गई तो इस आंदोलन को संतों से जनता के बीच ले जाया जाएगा। इस मौके पर हिमालय बचाओ अभियान के समीर रतूड़ी, गंगा आरती के प्रेमबल्लभ नैथानी, पर्वतीय शोध केंद्र से डा. अरविंद दरमोड़ा, प्रजा मंडल की विमला नेगी, गंगा असनोड़ा थपलियाल, राजीव विश्रोई, भोपाल सिंह चौधरी, पृथ्वी सिंह बिष्ट, सत्यानारायण सेमवाल, टेक सिंह नेगी, सत्या काला, इंदरा बिष्ट, वीरा देवी, राजेश्वरी देवी, मंजूला देवी, नंदा व हेमवंती आदि मौजूद थे।
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मंगलवार को गोलापार्क में सामूहिक धरने पर बैठे वक्ताओं ने कहा कि सरकार का अनशनकारियों के प्रति पहले से ही निराशाजनक रवैया रहा है। कहा कि स्वामी के स्वास्थ्य में आए दिन आ रही गिरावट से उनके प्राण संकट में पड़ सकते है। इससे पूर्व भी गंगा के मुद्दे पर स्वामी निगमानंद व स्वामी सानंद भी अपनी देह त्याग चुके है। बावजूद सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से नहीं ले रही है। धरना स्थल पर मौजूद विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों ने कहा कि गंगा हमारी संस्कृति और सभ्यता है। चेतावनी दी कि अगर संतों की बात नहीं मानी गई तो इस आंदोलन को संतों से जनता के बीच ले जाया जाएगा। इस मौके पर हिमालय बचाओ अभियान के समीर रतूड़ी, गंगा आरती के प्रेमबल्लभ नैथानी, पर्वतीय शोध केंद्र से डा. अरविंद दरमोड़ा, प्रजा मंडल की विमला नेगी, गंगा असनोड़ा थपलियाल, राजीव विश्रोई, भोपाल सिंह चौधरी, पृथ्वी सिंह बिष्ट, सत्यानारायण सेमवाल, टेक सिंह नेगी, सत्या काला, इंदरा बिष्ट, वीरा देवी, राजेश्वरी देवी, मंजूला देवी, नंदा व हेमवंती आदि मौजूद थे।
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