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उच्च प्रदर्शन कंप्यूटिंग से हेल्थ केयर सिस्टम में लाया जा सकता है सुधार
Updated Sun, 24 Jun 2018 10:40 PM IST
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पौड़ी। जीबी पंत अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान घुड़दौड़ी में तकनीकी शिक्षा में गुणवत्ता सुधार को लेकर आयोजित सेमिनार में रविवार को विषय विशेषज्ञों ने हेल्थ केयर सिस्टम में सुधार के लिए उच्च प्रदर्शन कंप्यूटिंग की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इससे सिस्टम में सुधार लाया जा सकता है।
ट्रिपल आईटी की प्रोफेसर अपराजिता ओझा ने बताया कि कैसे मशीन लर्निंग, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का प्रयोग कंप्यूटर एप्लीकेशन में हो रहा है व किस तरह कंप्यूटर की कंप्यूटेशन पावर को बढ़ाकर हेल्थ केयर सिस्टम में सुधार किया जा सकता है। आईआईटी पटना से आए प्रोफेसर राजीव झा ने इमेज इनहेंसमेंट और वाटर मार्किंग तकनीक की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हम मशीनों के माध्यम से तरंगों को समझ सकते हैं। इसमें छिपी जानकारियों का आसानी से पता लगाया जा सकता है। एमआईटीएस संस्थान बंगलूरू के प्रोफेसर रंजीत कुमार ने सिग्नल और इमेज प्रोफेसिंग के हेल्थ केयर में उपयोग को बताया। उन्होंने बताया कि इस तकनीक से चिकित्सक लाभान्वित होंगे। इस तकनीक से मशीनें डेटा अपने आप लेकर खुद रिपोर्ट देने के साथ परामर्श भी दे सकेंगी।
सेमिनार में विभागाध्यक्ष डा. आशीष नेगी, समन्वयक डा. एचएस भदौरिया, सहायक प्रोफेसर विवेक कुमार टम्टा, पपेंद्र कुमार, अभिषेक गुप्ता, आज्ञा राम, योगेश सोराड़ी, केडी नारायण, डा. अरुण भट्ट, सिद्धार्थ घनसेला आदि मौजूद रहे।
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ट्रिपल आईटी की प्रोफेसर अपराजिता ओझा ने बताया कि कैसे मशीन लर्निंग, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का प्रयोग कंप्यूटर एप्लीकेशन में हो रहा है व किस तरह कंप्यूटर की कंप्यूटेशन पावर को बढ़ाकर हेल्थ केयर सिस्टम में सुधार किया जा सकता है। आईआईटी पटना से आए प्रोफेसर राजीव झा ने इमेज इनहेंसमेंट और वाटर मार्किंग तकनीक की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हम मशीनों के माध्यम से तरंगों को समझ सकते हैं। इसमें छिपी जानकारियों का आसानी से पता लगाया जा सकता है। एमआईटीएस संस्थान बंगलूरू के प्रोफेसर रंजीत कुमार ने सिग्नल और इमेज प्रोफेसिंग के हेल्थ केयर में उपयोग को बताया। उन्होंने बताया कि इस तकनीक से चिकित्सक लाभान्वित होंगे। इस तकनीक से मशीनें डेटा अपने आप लेकर खुद रिपोर्ट देने के साथ परामर्श भी दे सकेंगी।
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सेमिनार में विभागाध्यक्ष डा. आशीष नेगी, समन्वयक डा. एचएस भदौरिया, सहायक प्रोफेसर विवेक कुमार टम्टा, पपेंद्र कुमार, अभिषेक गुप्ता, आज्ञा राम, योगेश सोराड़ी, केडी नारायण, डा. अरुण भट्ट, सिद्धार्थ घनसेला आदि मौजूद रहे।
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