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युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत था गुरुदेव
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पौड़ी। जिले के खिर्सू ब्लाक के ग्वाड़ गांव निवासी सैनिक गुरुदेव के निधन से क्षेत्र के युवा स्तब्ध हैं। गुरुदेव छुट्टी के दिनों में अपने और आसपास के गांवों के युवाओं को भर्ती पूर्व तैयारियों को लेकर प्रशिक्षण देते थे। क्षेत्र के युवा गुरुदेव के छुट्टी आने का इंतजार करते थे।
गांव के युवा क्षेत्र के पारंपरिक मेले कठ्ठबद्दी मनाने गांव आते हैं। सैनिक गुरुदेव भी विगत मार्च माह में गांव आ गए थे। 29 अप्रैल को गांव में कठ्ठबद्दी मेला मनाने के बाद एक मई को गांव के सात दोस्त घूमने गए। बूंखाल कालिंका माता मंदिर में दर्शन व पूजा-अर्चना करने के बाद सभी दोस्त पैठाणी चले गए, जहां नयार नदी में नहाने के दौरान गुरुदेव सिंह और उनके दो दोस्तों की डूबने से मौत हो गई थी। गुरुदेव के साथी सूरज सिंह ने बताया कि गुरुदेव चार साल पहले सेना में भर्ती हुए थे। वह वर्तमान में रंगिया (असम) में ड्यूटी पर थे। आज मंगलवार को उन्हें ड्यूटी पर वापस जाना था। ब्यूरो
गांव के युवा क्षेत्र के पारंपरिक मेले कठ्ठबद्दी मनाने गांव आते हैं। सैनिक गुरुदेव भी विगत मार्च माह में गांव आ गए थे। 29 अप्रैल को गांव में कठ्ठबद्दी मेला मनाने के बाद एक मई को गांव के सात दोस्त घूमने गए। बूंखाल कालिंका माता मंदिर में दर्शन व पूजा-अर्चना करने के बाद सभी दोस्त पैठाणी चले गए, जहां नयार नदी में नहाने के दौरान गुरुदेव सिंह और उनके दो दोस्तों की डूबने से मौत हो गई थी। गुरुदेव के साथी सूरज सिंह ने बताया कि गुरुदेव चार साल पहले सेना में भर्ती हुए थे। वह वर्तमान में रंगिया (असम) में ड्यूटी पर थे। आज मंगलवार को उन्हें ड्यूटी पर वापस जाना था। ब्यूरो
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