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एमएचआरडी ने गढ़वाल विवि को दिए रैकिंग में सुधार के निर्देश
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श्रीनगर। मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने गढ़वाल विवि को रैंकिंग में सुधार किए जाने सहित कई अन्य दिशा-निर्देश दिए। बीते 16 अप्रैल को गढ़वाल विवि व एमएचआरडी का अनुबंध हुआ है, जिसमें विवि में एकेडमिक माहौल को बेहतर बनाने की बात प्रमुखता से रखी गई है।
गढ़वाल विवि की कुलपति प्रो. नौटियाल ने कहा कि एमएचआरडी ने इस सत्र में विवि की रैकिंग 120-150 तक के बीच लाने की बात कही है। विवि के कुलसचिव डा. एके झा ने कहा कि एमएचआरडी ने छात्रों के नामांकन व प्लेसमेंट में बढ़ोत्तरी कराए जाने पर जोर दिया है। एमएचआरडी ने सख्त निर्देश दिए हैं, कि परफारमेंस के आधार पर ही विवि के शिक्षकों व कर्मियों की सेलरी बनेगी। उन्होंने कहा कि सीआरआर (कैडर रिक्रूटमेंट रूल) लागू होने की प्रक्रिया तीन महीने के अंदर संपन्न हो जाएगी। कहा कि विवि में जो भी कार्य होंगे वह गर्वमेंट ई-टेंडरिंग (जेम) के माध्यम से ही होंगे। साथ ही एमएचआरडी से अगले सत्र से रिसर्च फैलो से भी शिक्षण कार्य लिए जाने का निर्देश है। उन्होंने कहा कि विवि में शिक्षकों व कर्मियों को अप्रैल माह की सैलरी देने के लिए भी बजट नहीं है।
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गढ़वाल विवि की कुलपति प्रो. नौटियाल ने कहा कि एमएचआरडी ने इस सत्र में विवि की रैकिंग 120-150 तक के बीच लाने की बात कही है। विवि के कुलसचिव डा. एके झा ने कहा कि एमएचआरडी ने छात्रों के नामांकन व प्लेसमेंट में बढ़ोत्तरी कराए जाने पर जोर दिया है। एमएचआरडी ने सख्त निर्देश दिए हैं, कि परफारमेंस के आधार पर ही विवि के शिक्षकों व कर्मियों की सेलरी बनेगी। उन्होंने कहा कि सीआरआर (कैडर रिक्रूटमेंट रूल) लागू होने की प्रक्रिया तीन महीने के अंदर संपन्न हो जाएगी। कहा कि विवि में जो भी कार्य होंगे वह गर्वमेंट ई-टेंडरिंग (जेम) के माध्यम से ही होंगे। साथ ही एमएचआरडी से अगले सत्र से रिसर्च फैलो से भी शिक्षण कार्य लिए जाने का निर्देश है। उन्होंने कहा कि विवि में शिक्षकों व कर्मियों को अप्रैल माह की सैलरी देने के लिए भी बजट नहीं है।
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