स्टेट वॉर मेमोरियल की राह में एक और मुश्किल
- कैंट बोर्ड बैठक में पूर्व सैनिकों का हवाला देकर मौजूदा डिजाइन पर उठी आपत्ति
- बोर्ड अध्यक्ष ने नए सिरे से डिजाइन मांगने को सहमति दी, निर्माण में देरी होना तय
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सेना के शहीदों की याद में चीड़बाग में बनने वाले पहले स्टेट वॉर मेमोरियल निर्माण में एक बार फिर से अड़ंगा लग गया है। इस बार यह अड़ंगा वॉर मेमोरियल की डिजाइन को लेकर है।
सोमवार को हुई गढ़ी कैंट बोर्ड की बैठक में पूर्व सैनिकों का हवाला देकर अधिकारियों ने इसके डिजाइन पर सवाल उठाए। काफी बहस के बाद बोर्ड ने तय किया कि इस डिजाइन को पब्लिक डोमेन पर डालकर पूर्व सैनिकों और जनता की राय ली जाएगी। उसके बाद ही इसके निर्माण पर फैसला होगा।
मालूम हो कि शौर्य स्थल के लिए सांसद तरुण विजय ने देश भर से डिजाइन और सुझाव आमंत्रित किए थे, जिसमें आईआईटी रुड़की सहित कई पूर्व सैनिकों के डिजाइन आए। उच्च स्तरीय टीम ने डिजाइन को फाइनल किया।
पूर्व सैनिकों ने जताई आपत्ति
रक्षामंत्री मनोहर पारिकर के 30 अप्रैल को वॉर मेमोरियल का शिलान्यास करने पर लगने लगा था कि जल्द ही यह सपना हकीकत में तब्दील हो जाएगा पर इसके डिजाइन पर कुछ पूर्व सैनिकों की आपत्ति के साथ एक बार फिर से इसके निर्माण पर देरी की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है।
बता दें कि दून के आर्किटेक्ट विक्की रावत ने चीड़बाग स्थित वॉर मेमोरियल का डिजाइन तैयार किया है। इसमें चारों ओर से कई मीटर ऊंचे चीड़ के पेड़ों के बीच शहीद सैनिकों की शहादत को दर्शाता एक स्मारक जिसमें तीनों सेनाओं के झंडे के साथ कई फीट ऊंचा तिरंगा फहराता रहेगा।
प्रदेश के 14 सौ से अधिक शहीदों के नाम दर्शाते सात हाईग्रेड पालिश कंकरीट के स्तंभ लगेंगे। जिसपर उल्टी लगी राइफलें शहीदों के प्रति सम्मान का प्रतीक होंगी।
डिजाइन पर चल रही है बहस
गढ़ी कैंट की बोर्ड बैठक में वॉर मेमोरियल के डिजाइन को लेकर काफी बहस हुई। हालांकि बोर्ड अध्यक्ष मेजर जनरल एस सबरवाल ने कहा कि भूमि स्थानांतरण और निर्माण की अनुमति पहली वरीयता थी। अब यह कार्य प्रारंभ हो गया है। हर तरह के सुझाव का स्वागत किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि निर्माण को लेकर कोई जल्दी नहीं है। यह एक ऐतिहासिक कार्य है और इसमें बेहतरी की पूरी गुंजाइश को लेकर चला जाएगा।
इसके अलावा बोर्ड बैठक में अन्य कई मुद्दों पर बहस हुई। जिसमें से कुछ को पारित किया गया। बोर्ड बैठक में सीईओ सुब्रत पाल सहित अध्यक्ष राजेन्द्र कौर सोंढ़ी, सभासद जितेन्द्र तनेजा, हितेश गुप्प्ता, कमल राज, विनोद पंवार, मीरा भट्ट, मीनू क्षेत्री आदि मौजूद रहे।