उत्तराखंडः गृहमंत्री ने की जंगल में लगी आग की समीक्षा, दिए जरूरी निर्देश
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गृह मंत्री ने समीक्षा के बाद उत्तराखंड में आग हादसे से निपटने के जरूरी निर्देश दिए हैं। रविवार को गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने उत्तराखंड के जंगलों में लगी आग की समीक्षा की। इस बारे में गृह मंत्री ने राज्यपाल केके पॉल से भी बात की।
राजनाथ सिंह ने राज्य में मुख्य सचिव शत्रुघ्न के साथ उत्तराखंड के जंगलों में लगी आग की समीक्षा की। और गृह मंत्रालय के अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को उत्तराखंड की स्थित की मॉनिटरिंग करने और आग पर काबू पाने के लिए हर संभव मदद करने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही आग की घटनाओं के मद्देनजर उत्तराखंड सहित देश के 16 राज्यों में 30 जून तक प्री फायर अलर्ट जारी किया गया। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि उत्तराखंड के जंगलों में आग बुझाने के लिए बड़ी संख्या में बचाव कर्मियों को तैनात किया गया है।
उत्तराखंड के जंगलों में आग का कहर जारी
रविवार को भी उत्तराखंड के जंगलों में आग का कहर जारी है। राज्य के पिथौरागढ़, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, ऋषिकेश, नैनीताल, कोटद्वार, उत्तरकाशी, चंपावत के जंगलों में फिलहाल आग लगी हुई है।
रुद्रप्रयाग में धनुपर और खांकरा रेंज में जंगल अभी भी धधक रहे हैं, जिससे वातावरण में घनी धुंध छाई हुई है। आग के विकराल रूप को देखते हुए एसडीआरएफ की 70 सदस्यीय टीम रुद्रप्रयाग पहुंच चुकी है। बताया गया कि केदारनाथ यात्रा पड़ावों पर इनकी तैनाती की जाएगी। आग के कारण रुद्रप्रयाग में बीएसएनएल के सेवा बंद पड़ी है।
ऋषिकेश में राष्ट्रीय पार्क के गौहरी रेंज, आनीबाग और नरेंद्र नगर वन प्रभाग की शिवपुरी रेंज में नौदु कक्ष 7 के जंगलों में आग लगी है। आग बुझाने के लिए वन विभाग की टीम लगी हुई है। हरिद्वार में फिलहाल आग पर काबू है।
हजारों हैक्टेयर वन संपदा बर्बाद करने के बाद अब उत्तराखंड के करीब 500 गांवों के लिए आग खतरे का सबब बनी हुई है। अब यह आग जंगलों से आवासीय इलाकों में पहुंच रही है।
वनाग्नि से निपटने को ‘आईआरएसए’ से मांगी मदद
पिछले कई दिनों से आग से धधक रहे जंगलों को बचाने के लिए शासन समेत अनेक आपदा राहत एजेंसियों ने ताकत झोंक दी है। वनाग्नि की तत्काल जानकारी मिल सके और आपदा राहत एजेंसियां समय रहते कार्रवाई कर जानमाल की सुरक्षा के साथ ही वनों को आग से बचा सके इसके लिए सरकार ने भारतीय सुदूर संवेदन प्राधिकरण बालानगर, हैदराबाद से
मदद मांगी है।
सचिव आपदा प्रबंधन अमित नेगी ने राज्य सरकार के साथ ही अन्य केंद्रीय आपदा राहत एजेंसियों को आग पर काबू पाने के लिए हर संभव प्रयास कदम उठाने का निर्देश दिया है। आपदा न्यूनीकरण एवं प्रबंधन केंद्र के अधिशासी निदेशक पीयूष रौतेला ने बताया कि राज्य के कई इलाकों में वनों में लगी आग के कारण उत्पन्न स्थिति पर काबू पाने के लिए भारतीय सूदूर संवेदन प्राधिकरण (आईआरएसए) बालानगर, हैदराबाद से मदद मांगी गई है।
बकौल रौतेला, इस प्राधिकरण को पत्र लिखकर अनुरोध किया गया है कि राज्य में जो स्थान वनाग्नि से प्रभावित हैं उनसे संबंधित उपग्रहों से प्राप्त सूचना के साथ ही पूर्व के वर्षों में राज्य के वनाग्नि से प्रभावित होने वाले क्षेत्रों की सूचना राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र को मुहैया कराई जाय ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
दूसरी ओर सचिव आपदा प्रबंधन अमित नेगी ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि एनडीएमए के दिशा निर्देशों के
तहत आपदा से संबंधित सभी अधिकारियों, कर्मचारियों को इंसीडेंट रिस्पांस सिस्टम (आईआरएस) के अनुरूप क्रियाशील किया जाए। उन्होंने अफसरों से कहा है कि वे आईआरएस को सक्रिय करने के साथ ही वनाग्नि से जुड़ी तमाम जानकारियां राज्य
आपातकालीन परिचालन केंद्र को भी तत्काल अवगत कराएं। ताकि शासन स्तर से समय रहते कदम उठाए जा सकें।