उत्तराखंड में सियासी संकट के बीच राज्यपाल से मिले एनडी तिवारी
- सियासी संकट के बीच एनडी की चहलकदमी
- सचिवालय पहुंचकर राज्यपाल से की मुलाकात
- विधायकों के दलबदल को बताया खतरनाक
- राष्ट्रपति शासन के मुद्दे टिप्पणी करने से किया इनकार
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विस्तार
पिछले एक माह से जारी सियासी संकट के बीच पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी की चहलकदमी से सियासी पारा और चढ़ गया है। हालांकि पूर्व मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति शासन लगाए जाने को लेकर न तो केंद्र सरकार को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया और न ही हरीश रावत सरकार को लेकर कोई खास टिप्पणी की।
बेटे रोहित शेखर तिवारी और पत्नी उज्जवला शर्मा के साथ देहरादून पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री शुुक्रवार को अपराह्न सचिवालय पहुंचकर राज्यपाल डॉ. कृष्णकांत पाल से शिष्टाचार मुलाकात की।
तिवारी ने बड़ी बेबाकी से कही अपनी बातें
मुलाकात के दौरान उन्होंने राज्य के विकास से जुड़े तमाम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। राज्यपाल से मुलाकात के बाद पूर्व मुख्यमंत्री मीडिया से भी रूबरू हुए।
राज्य में मचे राजनीतिक उठापटक को लेकर बड़ी बेबाकी से अपनी बातें कही। कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री और नौ विधायकों के बागी रुख अख्तियार किए जाने पर कहा कि दलबदल को जायज नहीं ठहराया जा सकता है, इससे अस्थिरता बढ़ती है।
रावत के कार्यकाल पर टिप्पणी करने से एनडी का इनकार
राष्ट्रपति शासन को लेकर पूछे गए सवाल पर कहा कि इस मुद्दे पर केंद्र को एकदम दोषी नहीं ठहराया जा सकता है। मामला अदालत में विचाराधीन है लिहाजा इस मुद्दे पर खास टिप्पणी नहीं करेंगे। विधायकों की खरीद फरोख्त को लेकर पूछे गए सवाल पर कहा कि यह कतई ठीक नहीं है।
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की कार्यशैली पर पूछे गए सवाल पर भी एनडी ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। कांग्रेस के बागी विधायकों का मुद्दा उठाए जाने पर उन्होंने कहा कि दलबदल हर राज्य में होता है। लेकिन, जब तक बागी विधायकों से उनकी कोई वार्ता नहीं हो जाती है वह कुछ भी कहने की स्थिति में नहीं है। दबी जुबान में उन्होंने कहा कि वह मुद्दा सुलझाने आए हैं।
व्हील चेयर नहीं होने से दिक्कत
सचिवालय में व्हील चेयर की व्यवस्था नहीं होने से वयोवृद्ध नेता को काफी दिक्कत भी हुई। कार से उतरने के बाद उन्हें बमुश्किल लिफ्ट तक ले जाया गया। सचिवालय की चौथी मंजिल पर पहुंचने के बाद वह काफी दूर पैदल चलकर राज्यपाल कक्ष तक पहुंचे। सचिवालय में रैंप की व्यवस्था नहीं होने से उन्हें परेशानी हुई।