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हल्द्वानी हिंसा: युवक के पेट में किसी ने धारदार हथियार से किया था वार, एसटीएच में चला इलाज; 17 दिन बाद मौत
Mon, 26 Feb 2024 12:17 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
Published by: हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Mon, 26 Feb 2024 12:17 PM IST
सार
Haldwani News: हल्द्वानी में उपद्रव के दिन घायल हुए युवक की 17वें दिन सुशीला तिवारी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। युवक के पेट में किसी ने धारदार हथियार से वार किया गया था। उसकी आंतें बाहर आ गई थी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
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हल्द्वानी
विस्तार
हल्द्वानी में उपद्रव के दिन घायल हुए युवक की 17वें दिन सुशीला तिवारी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। युवक के पेट में किसी ने धारदार हथियार से वार किया गया था। उसकी आंतें बाहर आ गई थी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
नई बस्ती ताज मस्जिद निवासी अलबशर (18) पुत्र अब्दुल माजिद सब्जी का ठेला लगाता था। अलबशर के चाचा मो. नाजिम निवासी नई बस्ती लाइन नंबर 16 ने बताया कि उपद्रव के दिन आठ फरवरी को अलबशर रोज की तरह ठेला लेकर घर आ रहा था। रात करीब आठ बजे परिवार को सूचना मिली कि लाइन नंबर 17 लाल मस्जिद के पास अलबशर गिरा पड़ा है। उसका पेट फटा हुआ है। आंतें बाहर आ गई हैं। कहा कि सूचना पर पहुंचे अलबशर के पिता अब्दुल माजिद बेटे को सुशीला तिवारी अस्पताल लेकर पहुंचे।
बताया कि अलबशर के पेट में धारदार हथियार से हमला किया गया था। 17 दिन चले इलाज के दौरान सुशीला तिवारी अस्पताल में अलबशर के कई ऑपरेशन हुए। रविवार सुबह उसकी मौत हो गई। अलबशर का शव पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवाया गया है। सोमवार को डॉक्टरों के पेनल और मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में शव का पोस्टमार्टम किया जाएगा। अलबशर के घर में उसके माता-पिता, बड़ी बहन और एक छोटा भाई है। वह सब्जी बेचकर घर का खर्चा चलाता था। उसके पिता लोहे की अलमारी बनाने का काम करते हैं। युवक के चाचा मोहम्मद नाजिम ने बताया कि अलबशर को किसने मारा, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है।
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ये पढ़ें- Abdul Malik: मलिक के ट्रस्ट की कुंडली खंगाल रहा प्रशासन, दिल्ली में पंजीकृत है संस्था, सदस्यों को बदला गया
अलबशर की मौत पेट में धारदार हथियार के वार से हुई है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मौत के कारणों का पता चलेगा।
-प्रह्लाद नारायण मीणा, एसएसपी
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नई बस्ती ताज मस्जिद निवासी अलबशर (18) पुत्र अब्दुल माजिद सब्जी का ठेला लगाता था। अलबशर के चाचा मो. नाजिम निवासी नई बस्ती लाइन नंबर 16 ने बताया कि उपद्रव के दिन आठ फरवरी को अलबशर रोज की तरह ठेला लेकर घर आ रहा था। रात करीब आठ बजे परिवार को सूचना मिली कि लाइन नंबर 17 लाल मस्जिद के पास अलबशर गिरा पड़ा है। उसका पेट फटा हुआ है। आंतें बाहर आ गई हैं। कहा कि सूचना पर पहुंचे अलबशर के पिता अब्दुल माजिद बेटे को सुशीला तिवारी अस्पताल लेकर पहुंचे।
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बताया कि अलबशर के पेट में धारदार हथियार से हमला किया गया था। 17 दिन चले इलाज के दौरान सुशीला तिवारी अस्पताल में अलबशर के कई ऑपरेशन हुए। रविवार सुबह उसकी मौत हो गई। अलबशर का शव पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवाया गया है। सोमवार को डॉक्टरों के पेनल और मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में शव का पोस्टमार्टम किया जाएगा। अलबशर के घर में उसके माता-पिता, बड़ी बहन और एक छोटा भाई है। वह सब्जी बेचकर घर का खर्चा चलाता था। उसके पिता लोहे की अलमारी बनाने का काम करते हैं। युवक के चाचा मोहम्मद नाजिम ने बताया कि अलबशर को किसने मारा, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है।
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अलबशर की मौत पेट में धारदार हथियार के वार से हुई है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मौत के कारणों का पता चलेगा।
-प्रह्लाद नारायण मीणा, एसएसपी