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उत्तराखंड: विस से बर्खास्त कर्मियों ने हाईकोर्ट में दायर की अवमानना याचिका, 24 नवंबर को होगी सुनवाई
Tue, 22 Nov 2022 05:21 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Published by: हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Tue, 22 Nov 2022 05:21 PM IST
सार
वरिष्ठ न्यायमूर्ति संजय कुमार मिश्रा की एकलपीठ में भूपेंद्र सिंह बिष्ट और 13 अन्य की ओर से दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई हुई।
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नैनीताल हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
विस्तार
नैनीताल हाईकोर्ट ने सोमवार को कोर्ट के आदेश होने के बाद भी विधानसभा से निकाले गए कर्मचारियों को नौकरी में बहाल नहीं किए जाने को लेकर दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई की। मामले में अगली सुनवाई 24 नवंबर को होगी।
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वरिष्ठ न्यायमूर्ति संजय कुमार मिश्रा की एकलपीठ में भूपेंद्र सिंह बिष्ट और 13 अन्य की ओर से दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई हुई। याचिका में कहा है कि उच्च न्यायालय ने 15 अक्तूबर को आदेश पारित कर 27, 28 और 29 सितंबर के निलंबन आदेश पर रोक लगा दी थी तथा उन्हें पूर्व सेवारत पदों पर नियुक्ति देने के लिए कहा था। याचियों का कहना है कि हाईकोर्ट में आदेश के बावजूद विधानसभा में उनको नियुक्ति नहीं दी जा रही है।
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ये थी पूर्व याचिका
पूर्व में दायर याचिका में कहा गया था कि विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी ने 23 सितंबर को वर्ष 2016 से 2022 के बीच हुई 228 भर्तियों को रद्द कर दिया। विधानसभा सचिवालय की ओर से कर्मचारियों को बर्खास्तगी के नोटिस जारी किए गए। कर्मचारियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि विधानसभा में 2002 से 2015 तक कई पदों पर बैकडोर से भर्ती की गई थी। सरकार ने इन नियुक्तियों को वैध मानकर उन्हें नियमित कर दिया था, लेकिन 2015 के बाद लगे कर्मचारियों की नियुक्ति को गलत मानते हुए उन्हें बाहर कर दिया गया। हाईकोर्ट ने बर्खास्तगी आदेश पर रोक लगाते हुए कार्मिकों को बहाल करने के आदेश दिए थे।
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