{"_id":"6a08cef7d0a1bc25ca04e119","slug":"worship-on-vat-savitri-festival-a-symbol-of-eternal-good-fortune-haldwani-news-c-238-1-ntl1001-125980-2026-05-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Nainital News: अखंड सौभाग्य के प्रतीक वट सावित्री पर्व पर पूजन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Nainital News: अखंड सौभाग्य के प्रतीक वट सावित्री पर्व पर पूजन
विज्ञापन
विज्ञापन
नैनीताल/ज्योलीकोट। शहर में वट सावित्री पर्व धूमधाम से मनाया गया। सुहागिन महिलाओं ने पति की लंबी आयु और अच्छे स्वास्थ्य के लिए व्रत रखा। उन्होंने बरगद वृक्ष की विशेष पूजा की, जल व दूध अर्पित कर रक्षा सूत्र बांधा। नयना देवी और पाषाण देवी मंदिरों में दिन भर श्रद्धालुओं की भीड़ रही जहां सामूहिक पूजन हुए। वहीं ज्योलीकोट में
लोक पर्व के जानकार बृजमोहन जोशी ने वट वृक्ष के धार्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। मान्यता है कि सती सावित्री ने इसी वृक्ष के नीचे अपने मृत पति को पुनर्जीवित किया था।
.............
वट सावित्री व्रत पर महिलाओं ने की पूजा
भीमताल/गरमपानी (नैनीताल)। वट सावित्री के व्रत पर शनिवार को भीमताल, मेहरागांव, गरमपानी, खैरना, भवाली, ओखलकांडा क्षेत्र में महिलाओं ने पति की दीर्घायु के लिए वट वृक्ष की पूजा की। मेहरागांव के भूमिया मंदिर और भीमताल के भीमेश्वर महादेव मंदिर में सुबह से शाम तक महिलाओं ने पूजा की। पुजारी मदन गिरी ने पूजा कराई। काकड़ीघाट के नीब करौरी महाराज के आश्रम के पास भी महिलाओं ने पूजा की। संवाद
विज्ञापन
लोक पर्व के जानकार बृजमोहन जोशी ने वट वृक्ष के धार्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। मान्यता है कि सती सावित्री ने इसी वृक्ष के नीचे अपने मृत पति को पुनर्जीवित किया था।
विज्ञापन
.............
वट सावित्री व्रत पर महिलाओं ने की पूजा
भीमताल/गरमपानी (नैनीताल)। वट सावित्री के व्रत पर शनिवार को भीमताल, मेहरागांव, गरमपानी, खैरना, भवाली, ओखलकांडा क्षेत्र में महिलाओं ने पति की दीर्घायु के लिए वट वृक्ष की पूजा की। मेहरागांव के भूमिया मंदिर और भीमताल के भीमेश्वर महादेव मंदिर में सुबह से शाम तक महिलाओं ने पूजा की। पुजारी मदन गिरी ने पूजा कराई। काकड़ीघाट के नीब करौरी महाराज के आश्रम के पास भी महिलाओं ने पूजा की। संवाद
विज्ञापन