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Nainital News: अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बनने की दिशा में तेजी से चल रहा काम
Sun, 21 Jun 2026 01:04 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Sun, 21 Jun 2026 01:04 AM IST
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नैनीताल। उत्तराखंड में कुमाऊं क्षेत्र के लिए कनेक्टिविटी को लेकर तेज गति से काम चल रहा है। पंतनगर एयरपोर्ट के अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बनने के लिए निर्धारित लंबाई का रनवे बनने का रास्ता साफ होने के बाद अब यह उत्तराखंड का पहला अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट बनने जा रहा है। इस मामले में इसने जॉलीग्रांट एयरपोर्ट को पीछे छोड़ दिया है।
क्षेत्रीय सांसद अजय भट्ट ने यहां एक कार्यक्रम में बताया कि मानकों के अनुरूप विकसित करने की दिशा में केंद्र और राज्य सरकार की कवायद तेज हो गई है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा पंतनगर एयरपोर्ट के व्यापक विस्तार एवं आधुनिकीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। उम्मीद है कि दो वर्षों में पंतनगर उत्तराखंड का पहला अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बन जाएगा। भट्ट ने बताया कि वर्तमान में पंतनगर एयरपोर्ट की रनवे लंबाई लगभग 1,340 मीटर है, जिस पर केवल छोटे विमान ही संचालित हो सकते हैं। विस्तार योजना के तहत 3,000 मीटर लंबी और 45 मीटर चौड़ी नई रनवे का निर्माण चल रहा है, जिससे यहां से बोइंग और एयरबस जैसे बड़े विमानों का संचालन हो सकेगा। उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के मानकों के अनुरूप यहां अत्याधुनिक टर्मिनल, एयरोब्रिज, एस्केलेटर, हैंगर, आइएलएस सुविधा, कार्गो टर्मिनल और नाइट लैंडिंग की सुविधा भी विकसित की जाएगी। उन्होंने बताया कि इसके लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी को 524 एकड़ अतिरिक्त भूमि उपलब्ध कराई जा चुकी है। अधिग्रहीत भूमि पर बाउंड्री वॉल निर्माण, भवनों को हटाने तथा अन्य प्रारंभिक कार्य भी तेजी से चल रहे हैं। एयरपोर्ट विस्तार की सबसे बड़ी बाधा मौजूदा राष्ट्रीय राजमार्ग था, जो रनवे क्षेत्र के निकट से गुजरता है। इसके समाधान के लिए लगभग 180 करोड़ रुपये की लागत से 7.87 किलोमीटर लंबे वैकल्पिक मार्ग को मंजूरी दी गई है। इसके बाद रनवे विस्तार आसानी से हो जाएगा और 2028 तक यह एयरपोर्ट अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के संचालन के लिए तैयार हो सकेगा।
कुमाऊं और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए एविएशन हब बनेगा एयरपोर्ट
सांसद अजय भट्ट ने बताया कि सरकार का लक्ष्य पंतनगर को कुमाऊं और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए एक प्रमुख एविएशन हब के रूप में विकसित करना है। नए टर्मिनल की क्षमता प्रतिवर्ष लगभग 10 लाख यात्रियों को संभालने की होगी। इससे नैनीताल, अल्मोड़ा, रानीखेत, पिथौरागढ़, जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान और औद्योगिक नगरी रुद्रपुर तक पहुंचने वाले पर्यटकों और निवेशकों को बड़ी सुविधा मिलेगी।
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इन देशों के लिए मिल सकती है सीधी उड़ान सेवा
अंतरराष्ट्रीय दर्जा मिलने के बाद यहां से खाड़ी देशों संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, कतर, ओमान, कुवैत, दुबई और अबू धाबी के लिए सीधी उड़ान सेवा मिलने की संभावना है।
उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रवासी बड़ी संख्या में इन देशों में कार्यरत हैं इसलिए व्यावसायिक दृष्टि से ये सबसे व्यवहारिक मार्ग होंगे। काठमांडू, ढाका, बैंकॉक, सिंगापुर, मलेशिया के लिए भी सेवा मिल सकती है।
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क्षेत्रीय सांसद अजय भट्ट ने यहां एक कार्यक्रम में बताया कि मानकों के अनुरूप विकसित करने की दिशा में केंद्र और राज्य सरकार की कवायद तेज हो गई है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा पंतनगर एयरपोर्ट के व्यापक विस्तार एवं आधुनिकीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। उम्मीद है कि दो वर्षों में पंतनगर उत्तराखंड का पहला अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बन जाएगा। भट्ट ने बताया कि वर्तमान में पंतनगर एयरपोर्ट की रनवे लंबाई लगभग 1,340 मीटर है, जिस पर केवल छोटे विमान ही संचालित हो सकते हैं। विस्तार योजना के तहत 3,000 मीटर लंबी और 45 मीटर चौड़ी नई रनवे का निर्माण चल रहा है, जिससे यहां से बोइंग और एयरबस जैसे बड़े विमानों का संचालन हो सकेगा। उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के मानकों के अनुरूप यहां अत्याधुनिक टर्मिनल, एयरोब्रिज, एस्केलेटर, हैंगर, आइएलएस सुविधा, कार्गो टर्मिनल और नाइट लैंडिंग की सुविधा भी विकसित की जाएगी। उन्होंने बताया कि इसके लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी को 524 एकड़ अतिरिक्त भूमि उपलब्ध कराई जा चुकी है। अधिग्रहीत भूमि पर बाउंड्री वॉल निर्माण, भवनों को हटाने तथा अन्य प्रारंभिक कार्य भी तेजी से चल रहे हैं। एयरपोर्ट विस्तार की सबसे बड़ी बाधा मौजूदा राष्ट्रीय राजमार्ग था, जो रनवे क्षेत्र के निकट से गुजरता है। इसके समाधान के लिए लगभग 180 करोड़ रुपये की लागत से 7.87 किलोमीटर लंबे वैकल्पिक मार्ग को मंजूरी दी गई है। इसके बाद रनवे विस्तार आसानी से हो जाएगा और 2028 तक यह एयरपोर्ट अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के संचालन के लिए तैयार हो सकेगा।
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कुमाऊं और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए एविएशन हब बनेगा एयरपोर्ट
सांसद अजय भट्ट ने बताया कि सरकार का लक्ष्य पंतनगर को कुमाऊं और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए एक प्रमुख एविएशन हब के रूप में विकसित करना है। नए टर्मिनल की क्षमता प्रतिवर्ष लगभग 10 लाख यात्रियों को संभालने की होगी। इससे नैनीताल, अल्मोड़ा, रानीखेत, पिथौरागढ़, जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान और औद्योगिक नगरी रुद्रपुर तक पहुंचने वाले पर्यटकों और निवेशकों को बड़ी सुविधा मिलेगी।
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इन देशों के लिए मिल सकती है सीधी उड़ान सेवा
अंतरराष्ट्रीय दर्जा मिलने के बाद यहां से खाड़ी देशों संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, कतर, ओमान, कुवैत, दुबई और अबू धाबी के लिए सीधी उड़ान सेवा मिलने की संभावना है।
उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रवासी बड़ी संख्या में इन देशों में कार्यरत हैं इसलिए व्यावसायिक दृष्टि से ये सबसे व्यवहारिक मार्ग होंगे। काठमांडू, ढाका, बैंकॉक, सिंगापुर, मलेशिया के लिए भी सेवा मिल सकती है।