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गांवों में महिला करेंगी पानी की गुणवत्ता की जांच
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हल्द्वानी। जलजीवन मिशन के तहत चयनित गांवों में पेयजल गुणवत्ता परीक्षण का काम महिलाएं संभालेंगी। इसके लिए प्रत्येक गांव में पेयजल स्वच्छता समिति गठित की गई जिसमें ग्राम की दो-दो महिलाओं को शामिल किया गया है। इन महिलाओं को जलसंस्थान की ओर से वाटर टेस्टिंग किट दिए जाने का काम शुरू हो गया है।
जलजीवन मिशन की हर घर नल की योजना के अंतर्गत हल्द्वानी ब्लाक और कोटाबाग ब्लाक के चयनित 133 गांवों में पेयजल व्यवस्था करने की जिम्मेदारी जलसंस्थान हल्द्वानी को दी गई है। योजना के तहत गांवों में ओवरहेड टैंक, नए नलकूप निर्माण के साथ ही पेयजल लाइनें बिछाई जाएंगी। जलसंस्थान को छह डीपीआर की मंजूरी भी मिल चुकी है जबकि अन्य गांवों की डीपीआर तैयार करने का काम चल रहा है। जलसंस्थान के अधिशासी अभियंता एसके श्रीवास्तव ने बताया कि इस योजना के माध्यम से प्रत्येक व्यक्ति के घर तक नल पहुंचने से पेयजल की समस्या काफी हद तक दूर हो सकेगी।
अनीता बिष्ट का कहना है कि वाटर टेस्टिंग किट से अपने क्षेत्र के आंगनबाड़ी, सरकारी स्कूल, अस्पताल आदि स्थानों पर पानी का नमूना लेकर परीक्षण करने को कहा गया है।
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जलसंस्थान के प्रयोगशाला केमिस्ट पंकज फुलारा का कहना है कि वाटर टेस्टिंग किट से किस तरह पेयजल गुणवत्ता का परीक्षण करना है, इसका प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसकी जांच रिपोर्ट सीधे भारत सरकार के पोर्टल पर अपलोड करनी होगी।
प्रयोगशाला के कर्मचारी दे रहे प्रशिक्षण
हल्द्वानी। जलसंस्थान की ओर से 99 गांवों में वाटर टेस्टिंग किट और 440 वैक्टोलॉजिकल वॉयल पेयजल स्वच्छता समिति को दी गई हैं।
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जलजीवन मिशन की हर घर नल की योजना के अंतर्गत हल्द्वानी ब्लाक और कोटाबाग ब्लाक के चयनित 133 गांवों में पेयजल व्यवस्था करने की जिम्मेदारी जलसंस्थान हल्द्वानी को दी गई है। योजना के तहत गांवों में ओवरहेड टैंक, नए नलकूप निर्माण के साथ ही पेयजल लाइनें बिछाई जाएंगी। जलसंस्थान को छह डीपीआर की मंजूरी भी मिल चुकी है जबकि अन्य गांवों की डीपीआर तैयार करने का काम चल रहा है। जलसंस्थान के अधिशासी अभियंता एसके श्रीवास्तव ने बताया कि इस योजना के माध्यम से प्रत्येक व्यक्ति के घर तक नल पहुंचने से पेयजल की समस्या काफी हद तक दूर हो सकेगी।
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अनीता बिष्ट का कहना है कि वाटर टेस्टिंग किट से अपने क्षेत्र के आंगनबाड़ी, सरकारी स्कूल, अस्पताल आदि स्थानों पर पानी का नमूना लेकर परीक्षण करने को कहा गया है।
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जलसंस्थान के प्रयोगशाला केमिस्ट पंकज फुलारा का कहना है कि वाटर टेस्टिंग किट से किस तरह पेयजल गुणवत्ता का परीक्षण करना है, इसका प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसकी जांच रिपोर्ट सीधे भारत सरकार के पोर्टल पर अपलोड करनी होगी।
प्रयोगशाला के कर्मचारी दे रहे प्रशिक्षण
हल्द्वानी। जलसंस्थान की ओर से 99 गांवों में वाटर टेस्टिंग किट और 440 वैक्टोलॉजिकल वॉयल पेयजल स्वच्छता समिति को दी गई हैं।