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महिलाओं के लिए प्रेरणा बनेगी कविता
ब्यूूराे, अमर उजाला, हल्द्वानी।
Updated Sun, 23 Aug 2015 01:18 AM IST
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एसिड अटैक की पीड़िता कविता बिष्ट राज्य में महिला सशक्तिकरण की ब्रांड एंबेसडर के रूप में महिलाओं के लिए प्रेरणा बनेंगी।
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कविता बिष्ट प्रदेश में आयोजित होने वाले महिला सशक्तिकरण के सभी कार्यक्रमों में प्रतिभाग करेंगी। महिलाओं को अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने के लिए जोश भरेंगी।
मूल रूप से रानीखेत के बग्वालीपोखर निवासी कविता बिष्ट दो फरवरी 2008 को एसिड अटैक का शिकार हुई। कविता तब नोएडा खोड़ा में रहती थी और नोएडा में जॉब करती थी।
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कविता ने एक सिरफिरे का शादी का प्रस्ताव ठुकरा दिया था। सिरफिरे युवक ने कविता के चेहरे पर आफिस जाते वक्त तेजाब फेंक दिया। इससे कविता बुरी तरह झुलस और उसकी दोनों आंखों की रोशनी चली गई।
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कविता ने चेहरा और आंखों की रोशनी खोने के बाद भी हार नहीं मानी और इंसाफ के लिए लड़ते रही। कविता आज अपनी ही तरह एसिड अटैक पीड़ित और घरेलू हिंसा की शिकार महिलाओं को इंसाफ दिलाने के लिए लड़ रही हैं।
कविता के चेहरे की नौ बार सर्जरी हो चुकी है। अभी पांच बार और सर्जरी होनी है। कविता का परिवार हल्द्वानी आवास विकास में किराये पर रहता है।
उसके पिता दीवान सिंह रोडवेज और भाई मनोज प्राइवेट जॉब करते हैं। मां दीपा गृहणी हैं। कविता के संघर्ष और महिला उत्थान के कार्यों को देखते हुए सरकार ने उसे महिला सशक्तिकरण का ब्रांड एंबेसडर बनाया है।
कविता अब प्रदेश के सभी जिलों में महिला सशक्तिकरण के कार्यक्रमों में प्रतिभाग कर महिलाओं को उनके अधिकारों के लिए प्रेरित करेंगी।
सरकार ने नैनीताल और ऊधमसिंह नगर जिले में निर्भया प्रकोष्ठ स्थापित किया है। इसमें पीड़ित महिलाओं को मुफ्त में न्याय दिलाया जाता है। कविता हल्द्वानी में निर्भया प्रकोष्ठ में तैनात है।