{"_id":"34d3528bedc74c3a7360d0cd0d706617","slug":"wildlife-crop-loss-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"वन्यजीवों से फसल का नुकसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वन्यजीवों से फसल का नुकसान
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, रामनगर।
Updated Mon, 01 Feb 2016 12:51 AM IST
विज्ञापन
ग्राम किशनपुर छोई में जंगली जानवरों का डर किसानों के दिल में ऐसा बैठ गया कि वह अब औने पौने दामों में जमीन बेचने को मजबूर हो गए हैं। दिन रात मेहनत कर फसल को उगाने, बचाने से लेकर घर का हर सदस्य बारी बारी से जुटा रहता है।
विज्ञापन
इसके बावजूद जंगली जानवर फसल को चौपट करते जा रहे हैं। ग्रामीणों को लंबे समय तक नुकसान का मुआवजा भी नहीं मिलने से अब वह खेती किसानी छोड़ने का मन बनाने लगे हैं। जंगल और कोसी नदी के अगल बगल होने के चलते किशनपुर छोई में जंगली जानवरों की आवाजाही के चलते रोकथाम के लिये कोई भी प्रभावशाली कदम नहीं उठाए गए हैं।
विज्ञापन
जिससे हिरन, हाथी, सुअर ग्रामीणों की फसलों को चौपट कर रहे हैं। पांच हजार से अधिक जनसंख्या वाले इस क्षेत्र में लगभग चार हजार लोग कृषि कार्य कर अपना गुजर बसर कर रहे हैं। ग्रामीण कहते हैं कि दो वर्षों से जंगली जानवर ज्यादा ही नुकसान कर रहे हैं।
विज्ञापन
जिस कारण कई लोगों ने फसल लगाने के स्थान पर मवेशियों के लिए चारा बोना शुरू कर दिया है जबकि कई लोग गांव से जमीन बेचकर शहरों की ओर पलायन कर रहे हैं। लेकिन उनका दुख दर्द सुनने वाले न तो कोई नेता, मंत्री हैं और ना ही प्रशासनिक अधिकारी।