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Nainital News: मुझे सोते से किसने जगाया, किसने लंकापति को सताया...
Sun, 05 Oct 2025 02:16 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Sun, 05 Oct 2025 02:16 AM IST
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ज्योलीकोट। पंचमी से शुरू हुई ज्योलीकोट की रामलीला में शनिवार रात मंचन के नौवें दिन दर्शकों ने हास्य और गंभीरता का अद्भुत संगम देखा। पहले हास्यरस से भरे कुंभकरण जागरण ने सबको लोटपोट किया, फिर मंच पर रावण-कुंभकरण संवाद ने वातावरण को गम्भीर कर दिया और अंत में मेघनाद वध के युद्ध प्रसंग ने पूरे मैदान को रोमांच से भर दिया।
लीला की शुरुआत में रावण अपने सैनिकों के साथ ढोल-नगाड़े और बर्तन बजाकर छह माह के लिए सोए कुंभकरण को जगाते हैं।
कुंभकरण जागकर कहता है, मुझे सोते से किसने जगाया, किसने लंकापति को सताया। इसके बाद रावण उसे युद्ध की बात बताते हुए कहता है... ऐसा सोना भी क्या सोना, जीवन सब जाए खाटों में, कट जाए बहन के नाक कान, तुम पड़े हो खर्राटों में...। रावण की चुभती बातों पर कुंभकरण कहता है ''''क्यों गई वहां थी सूर्पनखा, क्या काम भला था जाने का, कोई तो कारण होगा ही लड़कों से नाक काटने का, इस बेमतलब के झगड़े में लंका की सत्यानाशी है, भाई यह खूब समझ लेना अब मेरी पूर्णमासी है। भाई का आदेश मानकर कुंभकरण युद्धभूमि की ओर बढ़ा और वीरगति को प्राप्त हुआ। इसके बाद लक्ष्मण के बाण से मेघनाद भी परलोक सिधार जाता है। कुंभकरण का पात्र कृतार्थ कोटलिया, रावण का चंद्रशेखर भट्ट, मेघनाद का विवेक कुमार, राम का विवेक साह और लक्ष्मण का पात्र लक्षित मेहता ने निभाया। मनोज बर्गली ने हारमोनियम और गौरव कुमार ने तबले पर संगत दी।
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लीला की शुरुआत में रावण अपने सैनिकों के साथ ढोल-नगाड़े और बर्तन बजाकर छह माह के लिए सोए कुंभकरण को जगाते हैं।
कुंभकरण जागकर कहता है, मुझे सोते से किसने जगाया, किसने लंकापति को सताया। इसके बाद रावण उसे युद्ध की बात बताते हुए कहता है... ऐसा सोना भी क्या सोना, जीवन सब जाए खाटों में, कट जाए बहन के नाक कान, तुम पड़े हो खर्राटों में...। रावण की चुभती बातों पर कुंभकरण कहता है ''''क्यों गई वहां थी सूर्पनखा, क्या काम भला था जाने का, कोई तो कारण होगा ही लड़कों से नाक काटने का, इस बेमतलब के झगड़े में लंका की सत्यानाशी है, भाई यह खूब समझ लेना अब मेरी पूर्णमासी है। भाई का आदेश मानकर कुंभकरण युद्धभूमि की ओर बढ़ा और वीरगति को प्राप्त हुआ। इसके बाद लक्ष्मण के बाण से मेघनाद भी परलोक सिधार जाता है। कुंभकरण का पात्र कृतार्थ कोटलिया, रावण का चंद्रशेखर भट्ट, मेघनाद का विवेक कुमार, राम का विवेक साह और लक्ष्मण का पात्र लक्षित मेहता ने निभाया। मनोज बर्गली ने हारमोनियम और गौरव कुमार ने तबले पर संगत दी।
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