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हाथी के बच्चों की जाड़ी लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी: 3 माह के बच्चों को किया था रेस्क्यू, अब हो गए 7 माह के
Mon, 26 May 2025 02:19 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
Updated Mon, 26 May 2025 02:19 PM IST
सार
संजय वन चेतना केंद्र में इन दिनों सात माह के हाथी राजा और रुस्तम की जोड़ी सबका मन मोह रही है। बड़ी संख्या में लोग इनका दीदार करने पहुंच रहे हैं।
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संजय वन के बाड़े में राजा और रुस्तम।
विस्तार
लालकुआं के संजय वन चेतना केंद्र में इन दिनों सात माह के हाथी राजा और रुस्तम की जोड़ी सबका मन मोह रही है। बड़ी संख्या में लोग इनका दीदार करने पहुंच रहे हैं। 14 जनवरी 2025 को भाखड़ा रेंज में बाघ ने हाथियों के झुंड पर हमला कर दिया। बाद में हाथी का एक बच्चा हरिपुरा जलाशय के पास घायल मिला। वन क्षेत्राधिकारी रूपनारायण गौतम ने इसका रेस्क्यू किया।
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पंतनगर यूनिवर्सिटी के पशु चिकित्सक डॉ. राहुल सती, डॉ. तरुण गर्ग ने इलाज किया। महावत अहमद को भी हाथी के बच्चे की देखरेख में लगा दिया। रेंजर गौतम के मुताबिक तब हाथी के बच्चे की उम्र 3-4 माह रही होगी। अब सात महीने का बच्चा पश्चिमी वृत्त मेडिकल टीम की निगरानी में संजय वन में आ चुका है। रूप नारायण गौतम बताते हैं कि उन्होंने प्यार से इस हाथी के बच्चे का नाम राजा रख दिया। अब वह पूरी तरह से स्वस्थ है। प्रमुख वन संरक्षक वन्य जीव से अब इसे बड़े पार्क में भेजे जाने का अनुरोध किया गया है।
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इस बीच उन्हें बाजपुर के बन्नाखेड़ा क्षेत्र में झुंड से बिछड़ा एक और हाथी का बच्चा मिला जिसे संजय वन रेस्क्यू कर ले आए। आबादी क्षेत्र में लोगों ने उसे घायल कर दिया था। वह भी पूरी तरह से अब ठीक है। उसका नाम प्यार से रुस्तम रखा गया है। राजा और रुस्तम अब पूरी तरह से वन क्षेत्राधिकारी गौतम से घुल-मिल गए हैं। वे जब राजा-रुस्तम को आवाज लगाते हैं तो दोनों उनसे लिपट जाते हैं। उन्होंने बताया कि राजा और रुस्तम को अलग-अलग पांच लीटर दूध, दलिया, गुड़ और केले दिए जाते हैं। वन क्षेत्राधिकारी गौतम के साथ ही डिप्टी रेंजर वीरेंद्र सिंह परिहार की इस मेहनत के लोग कायल हैं।
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