फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   We have to learn to live with earthquakes: Padmashree Prof. Gupta

हमें भूकंप के साथ जीना सीखना होगा : पद्मश्री प्रो. गुप्ता

Tue, 07 Oct 2025 02:33 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल Updated Tue, 07 Oct 2025 02:33 AM IST
विज्ञापन
We have to learn to live with earthquakes: Padmashree Prof. Gupta
नैनीताल। कुमाऊं विवि के भूविज्ञान विभाग और जियोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया बेंगलुरु की ओर से अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन हुआ। इसमें मुख्य अतिथि प्रख्यात भूवैज्ञानिक एवं भूकंप विशेषज्ञ व पद्मश्री प्रो. हर्ष के. गुप्ता रहे। उन्होंने कहा कि हमें भूकंपों के साथ जीना सीखना होगा। सम्मेलन में इटली, अमेरिका, नेपाल और भारत से आए प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं एवं विद्वानों ने शिरकत की।
विज्ञापन

सोमवार को हरमिटेज भवन स्थित देवदार सभागार में हिमालय की भू-गतिकीय उत्क्रांति: क्रस्टल संरचना, जलवायु, संसाधन एवं आपदा विषय पर तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ हुआ। पद्मश्री प्रो. हर्ष के. गुप्ता ने हिमालयी क्षेत्र में भूकंपों की प्रवृत्तियों, उनकी तीव्रता और संभावित खतरों पर विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने हिमालय से संबंधित भावी शोध के लिए पांच प्रमुख विषय सुझाए और प्रस्ताव रखा कि इन विषयों पर एक समग्र शोध-संकलन तैयार कर फरवरी-मार्च 2026 तक एक विशेष अंक के रूप में प्रकाशित किया जाए।
विज्ञापन

विशिष्ट अतिथि डॉ. वीके गहलौत ने कहा कि हिमालय का पारिस्थितिक तंत्र जलवायु परिवर्तन के प्रति अत्यंत संवेदनशील है और इस दिशा में निरंतर अनुसंधान की जरूरत है।
विज्ञापन
विज्ञापन

इटली से पहुंचे विशिष्ट अतिथि प्रो. रोडोल्फो कारोसी ने कहा कि हिमालय का अध्ययन वैश्विक स्तर पर पृथ्वी की संरचनात्मक प्रक्रियाओं को समझने की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने भारत और इटली के वैज्ञानिकों के बीच हो रहे सहयोग को और सुदृढ़ करने पर बल दिया।
भूविज्ञान विभाग के प्रो. संतोष कुमार ने कहा यह आयोजन हिमालयी भूगर्भीय विकास और पर्यावरणीय परिवर्तनों को समझने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। प्रो. राजीव उपाध्याय ने कहा कि भूविज्ञान विभाग ने निरंतर उच्चस्तरीय शोध परंपरा को सशक्त किया है।
इस मौके पर डॉ. रीतेश साह, प्रो. चित्रा पांडे, प्रो. ललित तिवारी, प्रो. एनवी चेलापति राव, प्रो. एके जैन, प्रो. जीएम भट्ट, डॉ. रॉबिन्सन, प्रो. कविराज पौड्याल, प्रो. डीसी श्रीवास्तव, प्रो. दिव्या जोशी आदि मौजूद रहीं।

कोट

- भूविज्ञान विभाग की शोध एवं नवाचार गतिविधियां सराहनीय हैं। अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन वैज्ञानिक सहयोग, नवाचार और संवाद का एक सशक्त मंच बनेगा जो हिमालयी पर्यावरण एवं आपदा न्यूनीकरण के क्षेत्र में ठोस दिशा प्रदान करेगा। - प्रो. डीएस रावत, कुलपति कुविवि
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed