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चार माह से वेतन का इंतजार, घर कैसे चलाएं सरकार?

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Mon, 13 Apr 2020 01:24 AM IST
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Waiting for four months, how can the government run the house?
प्रतीकात्मक फोटो।
हल्द्वानी। प्रदेश के विभिन्न डिग्री कॉलेजों में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों और अतिथि प्राध्यापकों को चार माह से वेतन नहीं मिला है। इस कारण उन्हें आर्थिक संकट का सामना पड़ रहा है।
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डिग्री कॉलेजों मेें काफी संख्या में आउट सोर्स पर कर्मचारी तैनात हैं। इनको दिसंबर से अभी तक वेतन नहीं मिला है। इनके अलावा जिन अतिथि प्राध्यापकों की नियुक्ति 2017 में यूजीसी के नियमानुसार 500 रुपये प्रतिवादन के हिसाब से माह में अधिकतम 25000 रुपये में हुई थी, उन्हें भी वेतन का भुगतान नहीं हुआ है।
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इधर, लॉकडाउन से आउटसोर्स कर्मचारियों और अतिथि प्राध्यापकों की आर्थिक स्थिति और खराब हो गई हैं। इस संबंध में 2017 के अतिथि प्राध्यापकों ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि एक ओर केंद्र एवं प्रदेश सरकार संकट की इस घड़ी में निजी कर्मचारियों को वेतन देने के आदेश दे रहीं है, लेकिन उच्चशिक्षा विभाग उत्तराखंड बजट न होने का तर्क दे रहा है। उन्होंने प्रदेश सरकार से वेतन दिलाने की मांग की है, ताकि वे अपने परिवार का भरण पोषण कर सकें।
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बजट न मिलने के कारण उपनल, संविदा कर्मियों और अतिथि प्राध्यापकों को वेतन नहीं दिया जा सका है। शासन से 47 करोड़ की डिमांड की थी, जिसमें से सिर्फ 16 करोड़ की स्वीकृति हुई है और शासन ने आठ करोड़ रुपये जारी किए हैं। इस बजट को सभी कॉलेजों को आवंटित किया जा रहा है।
- डा. अशोक कुमार, उच्चशिक्षा निदेशक
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