फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   Villagers protest against the forest department on the demand of declaring leopards as cannibals

वन विभाग के खिलाफ ग्रामीणों ने भरी हुंकार, तेंदुए को नरभक्षी घोषित करने मांग पर ग्रामीणों ने फतेहपुर रेंज के कार्यालय में प्रदर्शन किया

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Wed, 07 Oct 2020 02:03 AM IST
विज्ञापन
Villagers protest against the forest department on the demand of declaring leopards as cannibals
हमलावर बाघ को मारने की मांग को लेकर वन क्षेत्राधिकारी कार्यालय फतेहपुर में धरना प्रदर्शन के दौर? - फोटो : HALDWANI
हल्द्वानी। फतेहपुर में दो गांवों में किशोरी और आठ महीने के बच्चे पर तेंदुए के हमले के बाद ग्रामीणों में वन विभाग के खिलाफ गुससा है। उन्होंने तेंदुए को नरभक्षी घोषित कर मारने की मांग करते हुए मंगलवार को फतेहपुर रेंज के कार्यालय में वन क्षेत्राधिकारी का घेराव किया। डीएफओ को बुलाने की मांग करते हुए कार्यालय में ढाई घंटे प्रदर्शन किया। डीएफओ के नहीं आने पर कार्यालय के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया।
विज्ञापन

गुजरौड़ा की प्रधान रितु जोशी के नेतृत्व में जुटे ग्रामीणों ने कहा कि तेंदुए के आतंक से जीना मुहाल हो गया है। इसके बाद भी वन विभाग नहीं सुन रहा है। लोगों ने तेंदुए को नरभक्षी घोषित करने की मांग करते हुए प्रभागीय वनाधिकारी के नाम ज्ञापन वन क्षेत्राधिकारी केआर आर्या को सौंपा। प्रदर्शन करने वालों में पूर्व जिला पंचायत सदस्य नीरज तिवारी, ग्राम प्रधान जयपुर पडलिया कमल पडलिया, ग्राम प्रधान राम लाल, संजय किरौला, राज्य आंदोलनकारी मोहन पाठक, बीना पांडे, विनीता आर्या, गीता रावत, सविता रावत, मुन्नी देवी, फालगुनी देवी, भगवती देवी, नम्रता जोशी आदि शामिल थे।
विज्ञापन

इन गांवों में तेंदुए का आतंक
नवाड़ी सैलानी, गुजरौड़ा, बेल बसानी, फतेहपुर, चौसला, लांबाचौड़, पीपल पोखरा, कुरिया, जयपुर पाडली, नाथूपुरा, इसाई नगर, रामणी, पन्याली।
ड्रोन से रखी जाएगी तेंदुए पर नजर
हल्द्वानी। रामनगर वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी चंद्रशेखर जोशी ने बताया कि तेंदुए को पकड़ने के लिए मंगलवार को एक ओर पिंजरा लगाया जा रहा है। आठ स्थानों पर ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं। ड्रोन से भी तेंदुए पर नजर रखी जाएगी। तेंदुए को पकड़ने के लिए चार टीमें भी गठित की गई हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

लोगों का गुस्सा
कई बार शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई वन विभाग ने नहीं की है। तेंदुए को नरभक्षी घोषित कर मारा जाना चाहिए।
-रितु जोशी, ग्राम प्रधान, ग्रामसभा गुजरौड़ा
10 अक्तूबर तक तेंदुए को मारने के आदेश जारी नहीं होते हैं तो 11 से धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। आमरण अनशन भी शुरू होगा।
-नीरज तिवारी, पूर्व जिला पंचायत सदस्य
वन विभाग हमें तेंदुए को मारने की अनुमति दे। कई बार ज्ञापन देने के बाद भी वन विभाग अब तक चुप बैठा है।
-कमल पडलिया, ग्राम प्रधान जयपुर पाडली
तेंदुए का आतंक पिछले दो महीनों से बढ़ गया है। इसके बाद भी वन विभाग नहीं जाग रहा है।
-राम लाल, ग्राम प्रधान हरिपुर तुलाराम
वन विभाग यदि लोगों की रक्षा नहीं करेगा तो उन्हें अपनी रक्षा के लिए खुद आगे आने को मजबूर होना पड़ेगा।
-मोहन पाठक, राज्य आंदोलनकारी
यदि तेंदुए को वन विभाग नहीं पकड़ता या मारता है तो ग्रामीण उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
-संजय किरौला, पूर्व अध्यक्ष, उत्तराखंड डेयरी, फेडरेशन
घायल महिला नहीं बोल पा रही है
हल्द्वानी। ग्राम बेल बसानी में तेंदुए के हमले में घायल ममता देवी बोल नहीं पा रही हैं। उनके गले का एक बार फिर ऑपरेशन होगा। प्रधान गीता गैड़ा ने बताया कि सितंबर में ममता देवी पर तेंदुए ने हमला कर दिया था। निजी अस्पताल से उन्हें छुट्टी तो मिल गई लेकिन ममता देवी बोल नहीं पा रही हैं। उधर, तेंदुए के हमले से घायल पिंकी और आठ माह के सन्नी शर्मा बच्चे की हालत स्थिर है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed