Nikay Chunav: सात दिन में ही नैनीताल जिले के 6 निकायों में बदल डाला आरक्षण, जानिए कैसे बदली राजनीतिक तस्वीर
नैनीताल जिले के सात निकायों में से हल्द्वानी मेयर और पांच चेयरमैन पदों का आरक्षण बदल दिया। कुमाऊं का प्रवेश द्वार कहे जाने वाले हल्द्वानी में किया गया बदलाव सबसे महत्वपूर्ण है। मेयर अब अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के बजाय सामान्य का होगा।
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अनंतिम अधिसूचना के बाद आई आपत्तियों पर सुनवाई के बाद शासन ने नैनीताल जिले के सात निकायों में से हल्द्वानी मेयर और पांच चेयरमैन पदों का आरक्षण बदल दिया। कुमाऊं का प्रवेश द्वार कहे जाने वाले हल्द्वानी में किया गया बदलाव सबसे महत्वपूर्ण है। मेयर अब अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के बजाय सामान्य का होगा।
14 दिसंबर को शासन की ओर से निकाय चुनाव का अनंतिम (प्रस्तावित) आरक्षण जारी किया गया था। उस पर आपत्तियों के लिए 22 दिसंबर तक का समय दिया गया था। आरक्षण जारी होते ही नैनीताल जिले में मेयर और चेयरमैन के राजनीतिक समीकरण बदलने से शहर की सरकार संभालने का सपना देख रहे कई नेताओं के अरमानों पर पानी फिर गया था। आरक्षण को लेकर सबसे ज्यादा घमासान हल्द्वानी में भाजपा के कब्जे वाले मेयर पद पर मचा। आपत्तियों पर सुनवाई के बाद सरकार ने मेयर की सीट का आरक्षण ओबीसी से बदलाव करके सामान्य कर दिया है।
इसी तरह कालाढूंगी नगरपालिका एससी के लिए प्रस्तावित सीट को सामान्य महिला के लिए आरक्षित कर दिया गया है। भीमताल नगरपालिका चेयरमैन का आरक्षण ओबीसी महिला से बदलकर एससी महिला हो गया है। नैनीताल पालिकाध्यक्ष की सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित होने के बाद दावेदारों ने आपत्ति जताई और सीट सामान्य महिला के लिए आरक्षित हो गई। भवाली नगरपालिका चेयरमैन का आरक्षण महिला सामान्य से बदलकर अनुसूचित जाति (एससी) किया गया है। लालकुआं नगर पंचायत में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) महिला से सीट बदलकर अंतिम आरक्षण ओबीसी कर दिया गया है। केवल रामनगर नगरपालिका के आरक्षण में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इस सीट पर आरक्षण अनारिक्षत बरकरार रखा गया है। वहां किसी वार्ड में भी बदलाव नहीं किया गया है।
जानिए आरक्षण पर निकायों के बाद कैसे बदली राजनीतिक तस्वीर
हल्द्वानी: आखिरकार जद्दोजहद के बाद लगातार तीसरी बार हल्द्वानी मेयर की सीट सामान्य हो गई है। शहर में मेयर की सीट पर आरक्षण घोषित होने से पहले भाजपा के करीब 25 दावेदार मैदान में थे, वहीं कांग्रेस में 31 नेताओं ने मेयर प्रत्याशी के टिकट पर अपना दावा किया था। करीब एक हफ्ते पहले सीट ओबीसी के लिए प्रस्तावित होने के बाद भाजपा और कांग्रेस के प्रमुख दावेदारों के राजनीतिक अरमान धरे रह गए थे। कड़ाके की सर्दी के बीच सोमवार को हल्द्वानी का राजनीतिक मौसम भी बदला और आरक्षण सामान्य होने के बाद यह सीट अपनी पहचान के मुताबिक हॉट हो गई। इसके साथ ही अब फिर से कांग्रेस और भाजपा के प्रमुख दावेदारों के मेयर बनने के अरमान जाग गए हैं। करीब 10 साल पहले अस्तित्व में आए हल्द्वानी नगर निगम में अब तक भाजपा ने लगातार दोनों बार मेयर सीट जीती। निवर्तमान अध्यक्ष जोगेंद्र रौतेला लगातार यह सीट जीतते रहे हैं।
नैनीताल: करीब एक हफ्ते पहले नगरपालिका अध्यक्ष की सीट अनुसूचित जाति के लिए अनंतिम रूप से आरक्षित होने के बाद नगर का पहला नागरिक बनने का सपना देख रही सामान्य और ओबीसी महिला नेता मायूस हो गई थीं। पर आपत्तियों की सुनवाई के बाद आरक्षण बदल गया है और चेयरमैन की कुर्सी पर बैठने के लिए सभी वर्ग की महिलाओं के लिए दरवाजे खुल गए हैं। नए समीकरणों ने नैनीताल में कड़ाके की सर्दी के बीच नगर का चुनावी माहौल गर्म कर दिया है। अब देखना होगा कि महिला विधायक वाली विधानसभा में भाजपा और कांग्रेस किस महिला पर अपना दांव खेलेगी। इससे पूर्व सीट एससी के लिए आरक्षित होने पर विधायक सरिता आर्या के पुत्र भाजपा में प्रमुख दावेदार थे। इस सीट पर पिछली बार कांग्रेस के सचिन नेगी पालिकाध्यक्ष रहे हैं।
भवाली: नगर पालिका भवाली में सोमवार को अध्यक्ष पद का आरक्षण बदलते ही सामान्य और ओबीसी वर्ग की महिला दावेदारों के अरमान धरे के धरे रह गए। अब नगर की कमान अनुसूचित जाति के व्यक्ति के पास होगी। पिछली बार नगरपालिका भवाली की सीट सामान्य थी और इस बार जब पूर्व में आरक्षण जारी हुआ तो इसे महिला सीट के लिए आरक्षित कर दिया गया था। इसके बाद भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस से महिला प्रत्याशियों ने शहर में तमाम स्थानों पर बैनर और पोस्टर लगवा दिए। पर नया आरक्षण जारी होते ही पार्टियों के सामने नए प्रत्याशी को खोजने की चुनौती रहेगी। भवाली नगर पालिका में कुल सात वार्ड हैं। इनमें महिला मतदाता 2979 और पुरुष मतदाता 3002 हैं।
भीमताल: शासन से भीमताल नगरपालिका का आरक्षण बदलते ही भाजपा और कांग्रेस से ओबीसी महिला दावेदारों को बड़ा झटका लगा है। अब भीमताल में नगरपालिका चेयरमैन पद पर अनुसूचित जाति की कोई महिला नेता काबिज होगी। अनुसूचित जाति की दावेदारों ने अपने लिए माहौल बनाना शुरू कर दिया है। भीमताल नगरपालिका से भाजपा से अनुसूचित जाति महिला के लिए कमला आर्या और बीना आर्या की दावेदारी मुख्य रूप से सामने आई है। वहीं कांग्रेस से सीमा टम्टा, आशा आर्या, रीना आर्या के नाम सियासी गलियारों में चर्चाओं में आए।
कालाढूंगी: कालाढूंगी नगरपालिका अध्यक्ष की सीट सामान्य महिला के लिए आरक्षित होने के बाद राजनीतिक फिजा बदल गई है। पहले यह सीट अनुसूचित जाति की महिला के लिए आरक्षित थी, इस कारण दावेदारों की संख्या ज्यादा नहीं थी। अब सीट सामान्य महिला के लिए आरक्षित होने पर दोनों प्रमुख पार्टियों के पास दोवदारों की कमी नहीं है। भाजपा से रेखा कत्यूरा, चेतना बिष्ट, प्रियंका मेहरा, इला बुढ़लाकोटी और कविता बालिया ने टिकट के लिए अपनी दावेदारी जताई है। कांग्रेस के नगर अध्यक्ष वकील अहमद ने बताया कि फिलहाल पार्टी से किसी भी सामान्य वर्ग की महिला ने आवेदन नहीं किया है। हालांकि पार्टी जल्द ही बैठक आयोजित कर आवेदन मांगने की प्रक्रिया शुरू करेगी। बता दें कि इससे पूर्व यह सीट सामान्य थी और भाजपा का कब्जा था।
रामनगर: रामनगर नगरपालिका अध्यक्ष सीट पर आरक्षण अनारक्षित यथावत रखा गया है। ऐसे में इस बार पिछले चुनाव की तुलना में दावेदारों की संख्या बढ़ना तय है। सामान्य सीट होने से भाजपा के 23 दावेदारों ने अध्यक्ष पद पर पर्यवेक्षकों के समक्ष अपनी दावेदारी की है। इनमें मुख्य रूप से संजय डॉर्बी, मदन मोहन जोशी, गणेश रावत, मनीष अग्रवाल, भगीरथ लाल चौधरी, भूपेंद्र खाती, पूरन नैनवाल आदि नाम प्रमुख हैं। वहीं, कांग्रेस के 16 दावेदारों में डॉ. निशांत पपनै, मोहम्मद अकरम, ताइफ खान, मो. जफर सैफी, मोहम्मद कय्यूम प्रमुख नाम हैं। निर्दलीय के रूप में आसिफ इकबाल ने दावेदारी की है। अब कांग्रेस और भाजपा के दावेदारों की नजर टिकट वितरण पर टिकी हुई हैं। बता दें कि कांग्रेस नेता मो. अकरम पिछले निकाय चुनाव में यहां से विजयी रहे थे।
लालकुआं: आरक्षण पर आपत्तियों के खिलाफ हुई सुनवाई के बाद लालकुआं नगर पंचायत अध्यक्ष सीट ओबीसी महिला से ओबीसी सामान्य होने के बाद राजनीतिक समीकरण बदल गए हैं। अब दोनों पार्टियों में दावेदारों की संख्या ज्यादा होने के साथ पार्टियों को नए सिरे से कसरत करनी होगी। नए समीकरण बनने से ओबीसी महिला दावेदारों ने अपने पतियों को आगे कर दिया है। अब समीकरण बदलने से मुकाबला रोचक होने की उम्मीद है। पिछड़ी जाति से नगर पंचायत अध्यक्ष पद के दावेदारों में भाजपा से प्रेमनाथ पंडित, सुरेंद्र सिंह लोटनी, युवा नेता राकेश गुप्ता (बाबू) और कांग्रेस से कमलेश यादव, शिल्पी देवी, माजिद अली प्रमुख नाम हैं। बता दें कि वर्ष 2018 में यह सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित थी।