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Uttarakhand: कौन है अजय टम्टा, जिसके पास आया पीएम मोदी का फोन?
Sun, 09 Jun 2024 04:39 PM IST
हीरा मेहरा
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
Published by: हीरा मेहरा
Updated Sun, 09 Jun 2024 04:39 PM IST
सार
PM Modi Cabinet List: सांसद अजय टम्टा को पीएम नरेंद्र मोदी की कैबिनेट में जगह मिल सकती है। अल्मोड़ा संसदीय सीट पर भाजपा प्रत्याशी अजय टम्टा ने लगातार तीन बार लोकसभा चुनाव जीत हैट्रिक बनाई।
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अजय टम्टा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
उत्तराखंड में अल्मोड़ा सीट से सांसद अजय टम्टा को दिल्ली से बुलावा आया है। बताया जा रहा है कि उत्तराखंड में अल्मोड़ा सीट से सांसद अजय टम्टा को केंद्र में बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। उत्तराखंड भाजपा के प्रदेश महामंत्री आदित्य कोठारी ने इसकी पुष्टि की है।
कौन है अजय टम्टा ?
सिर्फ 23 वर्ष की उम्र में राजनीति में कदम रखने वाले अजय टम्टा ने 52 वर्ष की उम्र में ऐसा राजनीतिक मुकाम हासिल किया, इसकी हर तरफ चर्चा है। अल्मोड़ा संसदीय सीट पर वह जीत की हैट्रिक लगाने वाले चौथे नेता बने हैं। इससे पहले यह रिकार्ड कांग्रेस के जंग बहादुर बिष्ट, पूर्व सीएम हरीश रावत और भाजपा के बची सिंह रावत के नाम दर्ज था। लोकसभा चुनाव में अजय की लगातार तीसरी जीत ने उनका कद बढ़ाने का काम किया है और वह एक कुशल राजनीतिज्ञ की श्रेणी में शामिल हो गए हैं।
लगातार तीसरी बार सांसद चुने गए अजय टम्टा ने 23 वर्ष की उम्र में राजनीति की शुरुआत की। अपने अब तक के राजनीतिक जीवन में उन्होंने नौ बार चुनाव लड़ा और छह में जीत दर्ज कर अपने को राजनीति में स्थापित किया। वर्ष 1996 में जिला पंचायत सदस्य के रूप में उनकी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत हुई। इसी वर्ष वह जिला पंचायत उपाध्यक्ष चुने गए।
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वर्ष 1999 से 2000 तक जिला पंचायत अध्यक्ष रहे और तब उन्होंने सबसे कम उम्र का जिपं अध्यक्ष बनने का रिकार्ड बनाया। 2002 में सोमेश्वर सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में पहला विधानसभा चुनाव लड़ा लेकिन उन्हें जीत नहीं मिली। 2007 में भाजपा के टिकट पर फिर से विस का चुनाव लड़ा और देहरादून पहुंचे। 2009 में पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ा लेकिन जीत की दहलीज तक पहुंचने से चूक गए। 2012 में सोमेश्वर सीट से ही विधानसभा तक का सफर तय किया। पार्टी ने वर्ष 2014 में उन पर भरोसा जताते हुए उन्हें लोकसभा चुनाव के लिए मैदान में उतारा इस पर वह खरे उतरे। 2019 के लोकसभा चुनाव में रिकार्ड मतों से लगातार दूरी जीत दर्ज की। 20024 के चुनाव में भी परिणाम उनके और पार्टी के पक्ष में आए हैं और इस सीट पर वह जीत की हैट्रिक लगाने वाले तीसरे सांसद बने हैं।
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कौन है अजय टम्टा ?
सिर्फ 23 वर्ष की उम्र में राजनीति में कदम रखने वाले अजय टम्टा ने 52 वर्ष की उम्र में ऐसा राजनीतिक मुकाम हासिल किया, इसकी हर तरफ चर्चा है। अल्मोड़ा संसदीय सीट पर वह जीत की हैट्रिक लगाने वाले चौथे नेता बने हैं। इससे पहले यह रिकार्ड कांग्रेस के जंग बहादुर बिष्ट, पूर्व सीएम हरीश रावत और भाजपा के बची सिंह रावत के नाम दर्ज था। लोकसभा चुनाव में अजय की लगातार तीसरी जीत ने उनका कद बढ़ाने का काम किया है और वह एक कुशल राजनीतिज्ञ की श्रेणी में शामिल हो गए हैं।
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लगातार तीसरी बार सांसद चुने गए अजय टम्टा ने 23 वर्ष की उम्र में राजनीति की शुरुआत की। अपने अब तक के राजनीतिक जीवन में उन्होंने नौ बार चुनाव लड़ा और छह में जीत दर्ज कर अपने को राजनीति में स्थापित किया। वर्ष 1996 में जिला पंचायत सदस्य के रूप में उनकी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत हुई। इसी वर्ष वह जिला पंचायत उपाध्यक्ष चुने गए।
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वर्ष 1999 से 2000 तक जिला पंचायत अध्यक्ष रहे और तब उन्होंने सबसे कम उम्र का जिपं अध्यक्ष बनने का रिकार्ड बनाया। 2002 में सोमेश्वर सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में पहला विधानसभा चुनाव लड़ा लेकिन उन्हें जीत नहीं मिली। 2007 में भाजपा के टिकट पर फिर से विस का चुनाव लड़ा और देहरादून पहुंचे। 2009 में पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ा लेकिन जीत की दहलीज तक पहुंचने से चूक गए। 2012 में सोमेश्वर सीट से ही विधानसभा तक का सफर तय किया। पार्टी ने वर्ष 2014 में उन पर भरोसा जताते हुए उन्हें लोकसभा चुनाव के लिए मैदान में उतारा इस पर वह खरे उतरे। 2019 के लोकसभा चुनाव में रिकार्ड मतों से लगातार दूरी जीत दर्ज की। 20024 के चुनाव में भी परिणाम उनके और पार्टी के पक्ष में आए हैं और इस सीट पर वह जीत की हैट्रिक लगाने वाले तीसरे सांसद बने हैं।
सादापन और बेदाग छवि बनी जीत का कारण
अजय टम्टा को अल्मोड़ा संसदीय क्षेत्र की जनता ने फिर से पलकों पर बैठाया है। इसके पीछे उनका सादपान, सरल स्वभाव और बेदाग छवि है। उन्होंने 29 वर्ष के राजनीतिक सफर में निर्विवाद रहकर पार्टी को मजबूत करने का काम किया। जनता के बीच भी उनकी गहरी पकड़ है। यही कारण रहा कि उन्हें लगातार तीसरी बार टिकट दिया और उन्होंने जीत दर्ज कर पार्टी और संगठन के भरोसे को कायम रखा है।
अजय टम्टा को अल्मोड़ा संसदीय क्षेत्र की जनता ने फिर से पलकों पर बैठाया है। इसके पीछे उनका सादपान, सरल स्वभाव और बेदाग छवि है। उन्होंने 29 वर्ष के राजनीतिक सफर में निर्विवाद रहकर पार्टी को मजबूत करने का काम किया। जनता के बीच भी उनकी गहरी पकड़ है। यही कारण रहा कि उन्हें लगातार तीसरी बार टिकट दिया और उन्होंने जीत दर्ज कर पार्टी और संगठन के भरोसे को कायम रखा है।
अल्मोड़ा सीट पर लगातार तीसरी बार अजय टम्टा ने जीत दर्ज की
2014 अजय टम्टा भाजपा
2014 अजय टम्टा भाजपा
2019 अजय टम्टा भाजपा
2024 अजय टम्टा भाजपा