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उत्तराखंड: ईंट भट्ठा मजदूरों के पुनर्वास मामले में हाईकोर्ट सख्त; सचिव गृह को जवाब दाखिल करने के निर्देश

Thu, 17 Sep 2026 11:59 PM IST
Heera अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल Published by: Heera Updated Thu, 17 Sep 2026 11:59 PM IST
सार

नैनीताल हाईकोर्ट ने हरिद्वार में ईंट भट्ठों पर काम करने वाले मजदूरों के अधिकारों और उनके पुनर्वास से जुड़े गंभीर मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की। 

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Uttarakhand High Court strict on the issue of rehabilitation of brick kiln workers of Haridwar
उत्तराखंड हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नैनीताल हाईकोर्ट ने हरिद्वार में ईंट भट्ठों पर काम करने वाले मजदूरों के अधिकारों और उनके पुनर्वास से जुड़े एक बेहद गंभीर मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद ईट भट्टे में कार्यरत मजदूरों के पुर्नवास के मामले में की गई कार्यवाही के संबंध में सचिव गृह को जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने सरकार से स्पष्ट रूप से पूछा है कि बंधुआ मजदूरी से मुक्त कराए गए श्रमिकों के पुनर्वास के लिए अब तक कानून के तहत क्या ठोस कदम उठाए गए हैं, क्या इसके लिए संबंधित कमेटियों का गठन किया गया है और उनके अधिकारों के संरक्षण के लिए क्या कार्रवाई की गई है। इस मामले की अगली सुनवाई के लिए तीन सप्ताह बाद की तिथि तय की गई है।

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मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता एवं न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार कैलाशपुर जिला सहारनपुर उत्तर प्रदेश निवासी अनिल कुमार ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि हरिद्वार में ईट भट्टे में कार्यरत मजदूरों व उनके परिवार को अवैध तरीके से बंधक बना कर कार्य करवाया जा रहा था।

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याचिकाकर्ता की ओर से उनके पुर्नवास के संबंध में कार्यवाही करने की मांग की थी। याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया था कि ईंट भट्ठों पर मजदूरों को बंधुआ बनाकर काम कराया जा रहा है और उन्हें नियमानुसार मिलने वाले कानूनी लाभों से वंचित रखा जा रहा है। याचिका दायर होने के बाद पीड़ित मजदूरों को वहां से मुक्त कराया गया था। पूर्व में वर्ष 2024 में सिंगल जज ने भी गृह सचिव को इस संबंध में जवाब दाखिल करने का आदेश दिया था। सुनवाई के बाद कोर्ट ने पूरी कार्रवाई का ब्योरा प्रस्तुत करने को कहा है।

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