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Uttarakhand High Court: हाईकोर्ट का सरकार से सवाल, क्यों शुरू नहीं की निकाय चुनाव प्रक्रिया
Wed, 11 Oct 2023 01:31 PM IST
हीरा मेहरा
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
Published by: हीरा मेहरा
Updated Wed, 11 Oct 2023 01:31 PM IST
सार
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने निकाय चुनाव का कार्यक्रम घोषित न किए जाने के मामले में सुनवाई की। मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी और न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की खंडपीठ ने राज्य सरकार से पूछा कि अभी तक निकाय चुनाव की प्रक्रिया क्यों शुरू नहीं की गई है?
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उत्तराखंड नैनीताल हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हाईकोर्ट ने मंगलवार को नगर पालिकाओं के चुनाव का कार्यक्रम घोषित न किए जाने के मामले में सुनवाई की। मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी और न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की खंडपीठ ने राज्य सरकार से पूछा कि अभी तक निकाय चुनाव की प्रक्रिया क्यों शुरू नहीं की गई है, जबकि पालिकाओं का कार्यकाल दो दिसंबर को खत्म हो रहा है।
हाईकोर्ट ने राज्य चुनाव आयोग से दो हफ्ते के भीतर यह भी यह बताने के लिए कहा है कि चुनाव कराने के लिए उनकी क्या तैयारी है। मामले की अगली सुनवाई पहली नवम्बर की तिथि नियत की है।
जसपुर निवासी अनीस ने जनहित याचिका दायर कर कहा था कि जसपुर नगर पालिका सहित प्रदेश की नगर पालिकाओं का कार्यकाल दो दिसंबर को समाप्त हो रहा है। कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने किशन सिंह तोमर बनाम केंद्र सरकार में निर्णय दिया था कि पालिकाओं का पांच वर्षीय कार्यकाल समाप्त होने से छह माह पहले चुनावी कार्यक्रम घोषित किया जाए ताकि नए बोर्ड का गठन तय समय के भीतर हो सके। पालिकाओं का कार्यकाल अब दो माह ही बचा है और सरकार ने चुनाव कार्यक्रम तक घोषित नहीं किया है। जनहित याचिका में कोर्ट से प्रार्थना की गई है कि राज्य सरकार को निर्देश दिए जाएं की शीघ्र निकाय चुनाव का कार्यक्रम घोषित करे।
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आदेश का पालन नहीं करने पर हाईकोर्ट ने जताई नाराजग
हाईकोर्ट ने नैनीताल शहर समेत राज्य में अन्य जगहों पर बंदरों व कुत्तों के बढ़ते आतंक से निजात दिलाने को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की। मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी व न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की खंडपीठ ने नगर पालिका नैनीताल के ईओ की ओर से आदेश का पालन नहीं करने पर नाराजगी व्यक्त की।
कोर्ट ने कार्यदायी संस्था व नैनीताल ईओ से कहा है कि क्यों न उन्हें अवमानना का दोषी मान लें? खंडपीठ ने दोनों से पूर्व में दिए गए आदेश की अनुपालन रिपोर्ट 19 अक्तूबर तक पेश करने के लिए कहा है। मामले की अगली सुनवाई 19 अक्तूबर को होगी। इससे पूर्व भी कोर्ट ने नगर पालिका के ईओ को अवमानना का नोटिस जारी किया था। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से कोर्ट को बताया गया कि ईओ व जिला प्रशासन की ओर से पूर्व के आदेश का पालन नहीं किया जा रहा है। प्रशासन व पालिका ने 40 लावारिस कुत्तों को पकड़कर कुछ दिनों बाद छोड़ दिया जबकि कोर्ट ने पूर्व में आदेश दिया था कि इनके लिए स्थायी शेल्टर बनाया जाए और इन्हें छोड़ा न जाए।
सरकार को दिया आदेश का पालन करने के लिए दो हफ्ते का अतिरिक्त समय
हाईकोर्ट ने दून वैली में बगैर मास्टर प्लान व पर्यटन प्लान के हो रहे अवैध निर्माण कार्यों के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को पूर्व में जारी आदेशों का पालन करने के लिए दो हफ्ते का और समय दिया है। कोर्ट ने कहा है यदि आदेश का पालन नहीं होता है तो मुख्य सचिव अगली तिथि को कोर्ट में पेश होंगे।
पिछली सुनवाई पर कोर्ट ने सरकार से चार सप्ताह में दून वैली के लिए टूरिज्म डेवलपमेंट प्लान तैयार करने के लिए कहा था। सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि मास्टर प्लान तैयार कर उसे मंजूरी के लिए केंद्र सरकार के पास भेज दिया है जिस पर कोर्ट ने केंद्र को भेजे गए प्लान को कोर्ट में प्रस्तुत करने को कहा लेकिन इसे सुनवाई के दौरान कोर्ट में पेश नहीं किया जा सका।
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हाईकोर्ट ने राज्य चुनाव आयोग से दो हफ्ते के भीतर यह भी यह बताने के लिए कहा है कि चुनाव कराने के लिए उनकी क्या तैयारी है। मामले की अगली सुनवाई पहली नवम्बर की तिथि नियत की है।
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जसपुर निवासी अनीस ने जनहित याचिका दायर कर कहा था कि जसपुर नगर पालिका सहित प्रदेश की नगर पालिकाओं का कार्यकाल दो दिसंबर को समाप्त हो रहा है। कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने किशन सिंह तोमर बनाम केंद्र सरकार में निर्णय दिया था कि पालिकाओं का पांच वर्षीय कार्यकाल समाप्त होने से छह माह पहले चुनावी कार्यक्रम घोषित किया जाए ताकि नए बोर्ड का गठन तय समय के भीतर हो सके। पालिकाओं का कार्यकाल अब दो माह ही बचा है और सरकार ने चुनाव कार्यक्रम तक घोषित नहीं किया है। जनहित याचिका में कोर्ट से प्रार्थना की गई है कि राज्य सरकार को निर्देश दिए जाएं की शीघ्र निकाय चुनाव का कार्यक्रम घोषित करे।
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आदेश का पालन नहीं करने पर हाईकोर्ट ने जताई नाराजग
हाईकोर्ट ने नैनीताल शहर समेत राज्य में अन्य जगहों पर बंदरों व कुत्तों के बढ़ते आतंक से निजात दिलाने को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की। मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी व न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की खंडपीठ ने नगर पालिका नैनीताल के ईओ की ओर से आदेश का पालन नहीं करने पर नाराजगी व्यक्त की।
कोर्ट ने कार्यदायी संस्था व नैनीताल ईओ से कहा है कि क्यों न उन्हें अवमानना का दोषी मान लें? खंडपीठ ने दोनों से पूर्व में दिए गए आदेश की अनुपालन रिपोर्ट 19 अक्तूबर तक पेश करने के लिए कहा है। मामले की अगली सुनवाई 19 अक्तूबर को होगी। इससे पूर्व भी कोर्ट ने नगर पालिका के ईओ को अवमानना का नोटिस जारी किया था। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से कोर्ट को बताया गया कि ईओ व जिला प्रशासन की ओर से पूर्व के आदेश का पालन नहीं किया जा रहा है। प्रशासन व पालिका ने 40 लावारिस कुत्तों को पकड़कर कुछ दिनों बाद छोड़ दिया जबकि कोर्ट ने पूर्व में आदेश दिया था कि इनके लिए स्थायी शेल्टर बनाया जाए और इन्हें छोड़ा न जाए।
सरकार को दिया आदेश का पालन करने के लिए दो हफ्ते का अतिरिक्त समय
हाईकोर्ट ने दून वैली में बगैर मास्टर प्लान व पर्यटन प्लान के हो रहे अवैध निर्माण कार्यों के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को पूर्व में जारी आदेशों का पालन करने के लिए दो हफ्ते का और समय दिया है। कोर्ट ने कहा है यदि आदेश का पालन नहीं होता है तो मुख्य सचिव अगली तिथि को कोर्ट में पेश होंगे।
पिछली सुनवाई पर कोर्ट ने सरकार से चार सप्ताह में दून वैली के लिए टूरिज्म डेवलपमेंट प्लान तैयार करने के लिए कहा था। सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि मास्टर प्लान तैयार कर उसे मंजूरी के लिए केंद्र सरकार के पास भेज दिया है जिस पर कोर्ट ने केंद्र को भेजे गए प्लान को कोर्ट में प्रस्तुत करने को कहा लेकिन इसे सुनवाई के दौरान कोर्ट में पेश नहीं किया जा सका।