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Uttarakhand: हाईकोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब, पूछा- नैनीसैनी एयरपोर्ट से हवाई सेवा का भविष्य का प्लान
Fri, 05 Jan 2024 05:29 PM IST
हीरा मेहरा
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
Published by: हीरा मेहरा
Updated Fri, 05 Jan 2024 05:29 PM IST
सार
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने पिथौरागढ़ में नैनीसैनी एयरपोर्ट से अब तक कमर्शियल हवाई सेवाएं संचालित न किए जाने पर जवाब तलब किया है। कोर्ट ने यह बताने के लिए कहा है कि वहां हवाई सेवा कैसे संचालित की जाएगी और भविष्य के लिए क्या प्लान है।
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उत्तराखंड हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हाईकोर्ट ने पिथौरागढ़ में नैनीसैनी एयरपोर्ट से अब तक कमर्शियल हवाई सेवाएं संचालित न किए जाने पर जवाब तलब किया है। कोर्ट ने यह बताने के लिए कहा है कि वहां हवाई सेवा कैसे संचालित की जाएगी और भविष्य के लिए क्या प्लान है। इस मामले में सचिव उड्डयन भारत सरकार सहित डीजीसीए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) चीफ से चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने के लिए कहा है। मामले की अगली सुनवाई फरवरी में होगी।
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कार्यवाहक मुख्य न्यायधीश मनोज कुमार तिवारी और न्यायमूर्ति विवेक भारती शर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। पिथौरागढ़ निवासी राजेश पांडे ने जनहित याचिका में कहा है कि नैनीसैनी हवाई पट्टी 1991 में अधिकृत उपयोग के लिए बनाई गई थी लेकिन अब तक यहां से कामर्शियल फ्लाइट का संचालन नहीं हो पाया है। हवाई सेवा सामरिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। साथ ही बरसात में सड़कों के क्षतिग्रस्त होने पर एकमात्र साधन भी हो सकता है।
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याचिकाकर्ता का कहना है कि केवल कागजों में ही नैनीसैनी हवाई अड्डे से उड़ानें संचालित हो रही, जबकि धरातल पर स्थिति इसके उलट है। कई बार हवाई सेवाएं संचालित हुई मगर कुछ समय के बाद बंद हो गईं।