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UK: हाईकोर्ट का सरकार को कड़ा नोटिस...संविदा कर्मियों को नियमित न करने और GST काटने पर मांगा स्पष्टीकरण
Thu, 09 Jul 2026 11:47 PM IST
Heera
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
Published by: Heera
Updated Thu, 09 Jul 2026 11:47 PM IST
सार
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने राज्य के सरकारी विभागों में वर्षों से कार्यरत संविदा कर्मचारियों के मामले में अवमानना याचिका पर सुनवाई की।
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उत्तराखंड हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हाईकोर्ट ने प्रदेश के सरकारी विभागों में वर्षों से लगे उपनल संविदा कर्मचारियों को आदेश होने के बाद भी सरकार द्वारा नियमित नही करने, उन्हें चयनित वेतनमान नही दिए जाने तथा उनको दिए गए वेतन से जीएसटी काटे जाने के खिलाफ दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई के बाद सरकार को स्पष्टीकरण पेश करने के निर्देश दिए हैं।
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सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से कोर्ट के समक्ष एक जुलाई 2026 का शासनादेश पेश किया गया जिसमें कहा गया कि राज्य सरकार ने इन्हें नियमित करने के लिए कट ऑफ डेट 2018 से बढ़ाकर 15 अक्तूबर 2024 कर दी है और जो भी कर्मचारी इसमे आएंगे वे समान कार्य समान वेतन पाने के हकदार होंगे। इसका लाभ उन्हें एक मार्च 2026 से दिया जाएगा।सरकार की तरफ से 3 फरवरी 2026 के आदेश भी पेश किया गया जिसमें कहा गया कि ये कर्मचारी नियमित कर्मचारियों की सेवा शर्तों की भांति अन्य लाभों की मांग नही करेंगे जो नियुक्ति होगी वह संविदा के आधार पर होगी।
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इस पर कोर्ट ने सरकार से स्पष्टीकरण पेश करने को कहा है। न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार उपनल कर्मचारी संघ ने उच्च न्यायालय में अवमानना याचिका दायर कर कहा था कि नवंबर 2025 को कोर्ट की खंडपीठ की ओर से पारित आदेश का अनुपालन अभी तक राज्य सरकार की ओर से नही किया गया। जबकि कोर्ट ने अपने आदेश मे स्पष्ट किया था कि उपनल कर्मचारियों को पहले समान कार्य समान वेतन दिया जाए, उनके वेतन पर लगने वाले जीएसटी को न वसूला जाए और नियमितीकरण की प्रक्रिया अपनाई जाए। लेकिन इस आदेश पर अब तक राज्य सरकार की तरफ से कोई निर्णय नहीं लिया गया।
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