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दो साल का टूटा रिकार्ड, पारा 42 पहुंचा
ब्यूरो/अमर उजाला,हल्द्वानी
Updated Sat, 23 May 2015 12:41 AM IST
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दिन-ब-दिन बढ़ रही गर्मी ने शुक्रवार को दो साल का रिकार्ड तोड़ दिया और पारा 42 डिग्री पर पहुंच गया। गर्म हवाओं के थपेड़ों और सूर्य की तपिश ने लोगों को बेहाल कर दिया। लोगों के लाख जतन भी मौसम की तपिश को कम नहीं कर सकी। मौसम वैज्ञानिक ने शनिवार से बादल छाने और बारिश न होने की संभावना जताई है।
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शुक्रवार को दिन चढ़ने के साथ ही सूर्य की तपिश ने लोगों को बेहाल कर दिया। सुबह से ही चल रही गर्म हवाओं के कारण लोग मुंह पर कपड़ा बांधकर निकले। दोपहर होते-होते सड़क पर सन्नाटा पसर गया। व्यस्त रहने वाली नैनीताल रोड पूरी तरह सन्नाटे में पसरी रही। चौराहों खाली पड़े थे।
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पंतनगर विवि के मौसम वैज्ञानिक डा. एचएस कुशवाहा ने बताया कि वर्ष 2013 और 2014 में इतना अधिकतम तापमान नहीं था। शुक्रवार को दो वर्षों के बाद फिर रिकार्ड टूटा और पारा 42 डिग्री पर पहुंच गया। हवा की गति 8.8 किलो मीटर प्रतिघंटा और दिशा पश्चिम-उत्तर-पश्चिम रही।
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सुबह आर्द्रता 63 और दोपहर को 30 प्रतिशत थी। डा. कुशवाहा ने बताया कि शनिवार को अधिकतम तापमान 40.4 और न्यूनतम 20.2 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। उन्होंने बताया कि 25 और 26 को होने वाली बारिश पर ब्रेक लग गया है। शनिवार से बादल छाए रहेंगे, मगर बारिश की संभावना नहीं है।
गौला पर निर्भर 50 हजार की आबादी
हल्द्वानी। तीस वर्षों में जल संस्थान और हमारे नेता ऐसी योजना नहीं बना सके कि कुसुमखेड़ा के लोगों को पर्याप्त पानी मुहैया कराया जा सके। 50 हजार की आबादी गौला के पानी पर निर्भर है और बरसात में सिल्ट आने पर बूंद-बूंद पानी के लिए हाहाकार मचता है।
कुसुमखेड़ा के लोग जबरदस्त पेयजल संकट झेल रहे हैं। कोहली कालोनी की स्थिति तो और भी बदतर है। पानी की सप्लाई के साथ ही सुबह से ही लोग पानी एकत्र करने में जुट जाते हैं। कई बार तो पूरे दिन में एक ही टाइम सप्लाई मिलती है। 50 हजार लोग सिर्फ गौला से मिलने वाले पानी पर निर्भर हैं। बरसात में गौला में सिल्ट आने पर पूरे शहर की पेयजल व्यवस्था ध्वस्त हो जाती है।
कुसुमखेड़ा के लोगों को पानी के लिए तरसना पड़ता है। किल्लत के दौरान जल संस्थान भले ही टैंकरों से आपूर्ति का दावा करे, मगर टैंकर संचालकों की मर्जी के आगे उपभोक्ता भी घुटने टेक देते हैं। अवैध कनेक्शन या घरों में चल रहे दो-दो कनेक्शन को लेकर विभाग ने अब तक मुहिम चलाने की भी जहमत नहीं उठाई। घरों में लगी मोटरों ने पानी के संकट को और बढ़ा दिया है।
जल संस्थान के सहायक अभियंता आरपी डोबवाल का कहना है कि कुसुमखेड़ा में कोई समस्या नहीं है। सिंचाई विभाग का ट्यूबवेल हरिपुर नायक में निर्माणाधीन है, ट्यूबवेल बनने के बाद संकट कुछ कम हो जाएगा।