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बनभूलपुरा क्षेत्र में सांस की बीमारी से दो लोगों की मौत

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Fri, 15 Nov 2019 01:48 AM IST
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Two people died due to respiratory disease in Banabhulpura region
हल्द्वानी गौलापार स्थित ट्रंचिग ग्राउन्ड में उठता धुआं
हल्द्वानी। बनभूलपुरा क्षेत्र में दो लोगों की सांस की बीमारी से मौत हो गई। मृतकों के परिजन ट्रंचिंग ग्राउंड में कूड़ा जलने से उठे धुएं को मौत का कारण बता रहे हैं। मामले में क्षेत्र के पार्षदों ने भी ट्रंचिंग ग्राउंड की समस्या का जल्द निदान न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। वहीं, नगर निगम प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच की जाएगी।
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इंदिरानगर वार्ड-33 निवासी मेहताब हुसैन का कहना है कि उनके बड़े भाई 55 वर्षीय कमर हुसैन कुछ समय से सांस की तकलीफ से परेशान थे। इधर कुछ दिन पहले वार्ड से कुछ दूरी पर स्थित ट्रंचिंग ग्राउंड में कूड़े के ढेर में लगी आग से क्षेत्र में धुआं फैला, जिससे उनके भाई की दिक्कतें और बढ़ गई। उपचार के लिए कमर हुसैन को एसटीएच में भर्ती कराया गया जहां बुधवार रात उनका निधन हो गया। मेहताब का आरोप है कि अगर नगर निगम प्रशासन ने समय रहते कूड़े के धुएं पर काबू पा लिया होता तो उनके भाई की परेशानी नहीं बढ़ती और उनका देहांत भी नहीं होता।
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इधर, बृहस्पतिवार सुबह नई बस्ती ठोकर निवासी 46 वर्षीय जलीस अहमद की भी सांस की समस्या से मौत हो गई। मृतक के दामाद फईम ने भी जलीस की इंतकाल का कारण ट्रंचिंग ग्राउंड के धुएं को बताते हुए नगर निगम प्रशासन को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया है। फईम का कहना है कि कूड़े में अक्सर आग लगती रही है जिससे निकलने वाले धुएं से लोगों की परेशानी बढ़ती रही पर निगम प्रशासन ने इसे गंभीरता से नहीं लिया, जिससे चलते उनके ससुर की मौत हो गई।
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क्षेत्र में कई और भी धुएं से बीमार
बनभुलपूरा क्षेत्र में जहां दो लोगों की मौत का कारण ट्रंचिंग ग्राउंड के धुएं को बताया जा रहा है। वहीं क्षेत्र के लोगों की मानें तो धुएं से कुछ और लोग भी बीमार हैं जिसमें बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं भी शामिल हैं। कुछ लोगों का अस्पताल में उपचार चल रहा है और कुछ घर पर ही सांस की बीमारी से जूझ रहे हैं।
क्षेत्र में यह समस्या बहुत पुरानी है जिसे निगम प्रशासन ने गंभीरता से नहीं लिया। जिसके कारण दो लोगों की धुएं से मौत हो गई। अगर तीन दिन के भीतर निगम प्रशासन ने कूड़े की समस्या का समाधान नहीं किया तो क्षेत्रवासियों के साथ मिलकर उग्र आंदोलन किया जाएगा।
रईस वारसी पार्षद वार्ड 59
ट्रंचिंग ग्राउंड के कूृड़े की बदबू और कूड़ा जलाने के बाद उठने वाले धुएं से कई लोग बीमार पड़ रहे हैं। लोगों का यहां दस मिनट भी गुजारना मुश्किल होता है। निगम प्रबंधन ने समस्या को गंभीरता से लिया होता तो दो लोगों को अपनी जान नहीं गंवानी पड़ती।
शकील अंसारी पार्षद वार्ड 31
- इंद्रानगर के करीब ट्रंचिंग ग्राउंड बनाया गया है, उसमें अक्सर आग लगती रहती है। आग और धुएं के चलते लोगों का सांस समेत अन्य बीमारियां हो रही हैं। अगर समस्या का समाधान नहीं किया गया तो लोगों को और परेशानी उठानी पड़ेगी।
शाहिद हुसैन, सामाजिक कार्यकर्ता इंद्रानगर
- ट्रंचिंग ग्राउंड के करीब इंद्रानगर में कई विद्यालय हैं। कूड़े की आग और धुएं के चलते आम लोगों के साथ ही विद्यार्थियों को परेशानी उठानी पड़ती है। समस्या का समाधान जल्द किया जाना जरूरी है।
अजहर सिद्दीकी अध्यक्ष अभिभावक शिक्षक संघ, जीआईसी बनभुलपूरा
मरने वाले के परिजनों से सहानुभूति है। अगर ट्रंचिंग ग्राउंड के धुएं से किसी की मौत हुई है तो इसकी जांच कराई जाएगी। ट्रंचिंग ग्राउंड में कुछ लोगों द्वारा आग लगाकर इसे जलाया जा रहा है। ऐसे लोगों को चिह्नित किया जा रहा है। बृहस्पतिवार को भी आग लगाते हुए एक युवक को पकड़ा गया है। कूड़े से लोगों को परेशानी ना हो इसके लिए ट्रंचिंग ग्राउंड में बाउंड्री की जा रही है। भविष्य में यहां सीसीटीवी लगाकर निगरानी भी की जाएगी।
डॉ. जोगेंद्र रौतेला, मेयर
मरीजों का इलाज ओपीडी में चल रहा होगा। लगातार धुएं और प्रदूषण के कारण सांस रोगियों को दिक्कत ज्यादा बढ़ जाती है। सामान्य व्यक्ति भी लगातार धुएं के संपर्क में रहेगा तो बीमार पड़ सकता है। ऐसे मामलों में परीक्षण के बाद ही मौत की सही वजह बताई जा सकती है। डॉ. डीसी पुनेरा, विभागाध्यक्ष टीबी एवं श्वांस रोग विभाग

टीबी एवं सांस के मरीज के लगातार धुएं में रहने से उसकी मौत हो सकती है। अगर धुआं है तो घर के भीतर ही रहें। धुएं के कारण ज्यादा दिक्कत हो तो डाक्टर से सलाह लें। धुएं की समस्या बनी हुई है तो मरीज को किसी सुरक्षित स्थान पर रखें। डॉ. गौरव सिंघल, वरिष्ठ सांस रोग विशेषज्ञ।
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